एक बार फिर पहुंचे निलामीदार किसानों की जमीन कब्जा करने।
पुलिस की सतर्कता से बैनामेदार की जमीन भूमाफियाओं के चंगुल से बचा।
आजमगढ़ गोरखपुर मुख्य मार्ग पर जीयनपुर में जमीन कब्जा करने पहुंचे निलामदार।
कब्जा रोकने के लिए बैनामादार किसान मौके पर पहुंचे पुलिस को दी सूचना पुलिस के पहुंचने से काम रुका।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के आजमगढ़ गोरखपुर मुख्य मार्ग पर मेहनाजपुर ग्राम सभा में गाटा संख्या 151/2/1 पर जो 91 एकड़ है पूर्व में इंद्र भूषण गुप्ता के द्वारा 55 एकड़ भूमि राजस्व बकाया पर वर्ष 1968 में नीलाम की गई। जिसमें न्यायालय में मुकदमा के बाद वर्ष 1988 में नीलामीदार ज्ञान प्रकाश अग्रवाल को प्रशासन के द्वारा रजिस्ट्री की गई वही वर्ष 1987 में इंद्र भूषण गुप्ता के द्वारा ढाई दर्जन किसानों को 36 एकड़ जमीन बैनामा की गई। जिस पर तब से लेकर अभी तक बैनामेदार किसान काबिज हैं। वही ज्ञान प्रकाश अग्रवाल से एग्रीमेंट के बाद रुपाली कंस्ट्रक्शन के द्वारा शनिवार को दो जेसीबी मशीन व चार ट्रैक्टर और सीमेंट, गिट्टी,बालू गिराकर कब्जा करने का कार्य किया जा रहा था। जिस पर सुरेंद्र गुप्ता व अन्य बैनामेदार एकत्रित होकर रोकने लगे दोनों तरफ से कहासुनी के बाद बैनामादार किसान 112 नंबर पुलिस और जीयनपुर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कब्जा कर रहे लोगों को व जेसीबी,ट्रैक्टर के साथ मौके से हटाया। उच्च अधिकारियों के बिना आदेश के कार्य रोकने के लिए कहा। जीयनपुर कोतवाल यादवेंद्र पान्डेय ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिना अधिकारियों के आदेश तक किसी भी प्रकार के कार्य पर रोक लगाई जिसके बाद किसान मान गए। वही सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि पिछले वर्ष उपजिलाधिकारी गौरव कुमार के कार्यकाल में उपजिलाधिकारी न्यायालय में बटवारा दाखिल है। बटवारा के पश्चात ही कोई कार्य किया जाए। वही दूसरे पक्ष ने पूर्व में रोक के पश्चात उपजिलाधिकारी के किसानों को नोटिस के आधार पर शनिवार को जेसीबी लगाकर कार्य शुरू कराया जा रहा था। जिस पर दोनों पक्षों से सैकड़ों की संख्या में लोग जुट गये। मौके पर पहुंचे जीयनपुर कोतवाल ने दोनों पक्षों को शांत कराया और शांति व्यवस्था बनायें रखने के लिए कहा। वही पुलिस की सतर्कता से बड़ी घटना होते होते बच गई।
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