Friday, January 3, 2025

जौनपुर में हुई अजमतगढ़ निवासी गोपाल विश्वकर्मा की हत्या,परिवार में मचा कोहराम।

जौनपुर में हुई अजमतगढ़ निवासी गोपाल विश्वकर्मा की हत्या,परिवार में मचा कोहराम।

(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
 हर खबर पर नजर सच है तो दिखेगा।

आजमगढ़।
सगड़ी जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के नगर पंचायत अजमतगढ़ के मोहल्ला सुभाष नगर निवासी गोपाल विश्वकर्मा की लाइन बाजार थाना के सेंट पैट्रिक स्कूल के पास बदमाशों द्वारा गुरुवार को गोली मारकर हत्या कर दिए जाने से उसके परिवार में मचा कोहराम। स्वजन और नगर के लोग इस घटना से अचंभित हैं। हत्या की सूचना मिलने के बाद से ही उसके घर पर लोगों का आना जारी है। इस घटना को लेकर नगर में भी मातम छाया हुआ है। बिलरियागंज थाने में 2012 में गोपाल विश्वकर्मा के खिलाफ लूट और हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। कई अन्य थानों में मिलाकर उसके खिलाफ चार संगीन मुकदमे दर्ज थे। सन् 2013 में बिलरियागंज थाने में इसके खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा भी दर्ज किया गया था। पुलिस से बचने के लिए अक्सर घर छोड़कर फरार रहता था।इस दौरान वह किन्नरों के संपर्क में आया। लगभग 10 वर्ष पहले इसकी मुलाकात सोनी यादव नामक किन्नर से हुई।बाद में यह उसका वाहन चलाने लगा। सोनी किन्नर का मई 2024 में घर में फंदे से लटकता शव मिला था। सोनी किन्नर के पास दो आलीशान मकान सहित करोड़ों की संपत्ति थी। जिसको लेकर गोपाल विश्वकर्मा और एक दूसरे किन्नर शीला के बीच कुछ दिन पहले विवाद हुआ था। इस समय दोनों के बीच सुलह समझौते की बात चल रही थी। गुरुवार को बदमाशों द्वारा उसकी गोली मारकर हत्या कर दिए जाने की घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। भाई सुनील कुमार और कई रिश्तेदार रात में ही उसका शव लेने के लिए जौनपुर के लिए चले गए। सुभाष नगर निवासी 35 वर्षीय गोपाल विश्वकर्मा अपने तीन भाई बहनों में सबसे छोटा था। बड़े भाई सुनील विश्वकर्मा हैदराबाद रहकर निजी कंपनी में काम करते हैं। बहन किरन की शादी हो गई है। गोपाल विश्वकर्मा की 3 वर्ष पहले बरहज देवरिया में रीमा विश्वकर्मा से शादी हुई थी। हालांकि अभी कोई संतान उत्पन्न नहीं हुई है। गोपाल की हत्या से उसकी पत्नी रीमा बुरी तरह से टूट चुकी है।
 ======================
कहीं संपत्ति के विवाद में तो नहीं हुई है गोपाल विश्वकर्मा की हत्या।
सगड़ी-- गोपाल विश्वकर्मा जिस सोनी यादव किन्नर का वाहन चलाता था, उसका जौनपुर में करोड़ों रुपए का दो मकान है। गोपाल विश्वकर्मा के साथी रहे अजय यादव के मुताबिक सोनी के पास लगभग 2 किलो सोना भी था। सोनी यादव अपने चालक गोपाल पर काफी विश्वास करती थी लेकिन उसने अपनी संपत्ति का नामिनी एक दूसरे किन्नर शीला को बना दिया था। शीला और गोपाल में संपत्ति के बंटवारे का भी विवाद चल रहा था। गोपाल विश्वकर्मा की मां की 28 दिसंबर को तेरही थी। जिसमें शामिल होने के लिए वह घर आया था। तेरही के दूसरे दिन ही परिवार वालों से बंटवारे की बात कह कर जौनपुर चला गया। स्वजनों ने दबी जुबान से इस बात को स्वीकार किया कि हो ना हो संपत्ति के चलते ही गोपाल विश्वकर्मा की हत्या की गई हो।

No comments:

Post a Comment