प्राचीन शिव मंदिर पर कलश स्थापना कर शुरू हुई भागवत कथा।
विधि-विधान पूर्वक जीयनपुर कस्बा में निकली कलश यात्रा।
सात दिवसीय भागवत कथा का प्राचीन शिव मंदिर में हुआ शुभारंभ।
भागवत कथा का महत्व किशोरी बृंदा कृष्णा ने बताया।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
हर खबर पर नजर सच है तो दिखेगी।
आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के प्राचीन शिव मंदिर पर सात दिवसीय भागवत कथा का हुआ शुभारंभ कस्बा में निकली कलश यात्रा कथा वाचक किशोरी बृंद्रा कृष्ण ने भागवत कथा के महत्व को बताया।
जानकारी के अनुसार प्राचीन शिव मंदिर पर सात दिवसीय भागवत कथा का नवरात्र के पहले दिन बुधवार कि सुबह जीयनपुर कस्बा में भव्य कलश यात्रा निकली जिसमें जीयनपुर के सैकड़ों की संख्या में पुरुष और महिला सम्मिलित हुए वाराणसी से आये गंगाजल को नौ कलश में लेकर समता नगर ठाकुर मंदिर से लेकर देवी जी के मंदिर देवस्थान कन्हैया मंदिर होते हुए कोरिया पोखरा के बाद प्राचीन शिव मंदिर पर पहुंचकर पुजारी पारसनाथ तिवारी ने विधि विधान पूर्वक कलश यात्रा की स्थापना की। वही दोपहर 2:00 से भागवत कथा का शुभारंभ हुआ जिसमें किशोरी बृंद्रा कृष्णा जी जो राजस्थान शक्तिपीठ से आई है ने भागवत कथा सुनाई इस दौरान भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए धुंधकारी और गोकर्ण की संगीतमय कथा सुनाई जिसमें धुंधकारी अपने बुरे कर्म के कारण राक्षस हुआ था और गोकर्ण अपने अच्छे कर्मों से कृष्ण पद को प्राप्त हुआ। वही धुंधकारी ने भागवत कथा अपने परिवार के साथ सुनी जिससे धुंधकारी का भी कल्याण हुआ। इस दौरान मुख्य रूप से वृंदावन से आए आचार्य दुर्गेश मिश्रा, ज्ञानेंद्र मिश्रा, शिवदान चौरसिया,आनंद तिवारी, पवन, पुरुषोत्तम यादव, आलोक चौरसिया, अंजना सिंह, मुन्ना यादव, महिला कीर्तन मंडली सहित दर्जनों की संख्या में लोगों ने कथा का आनंद लिया।
No comments:
Post a Comment