उपजिलाधिकारी न्यायालय के आदेश पर 90 एकड़ भूमि नदी के खाते में हुई दर्ज।
कूटरचित तरीके से 90 एकड़ भूमि 25 खातों से निरस्त।
सगड़ी तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर उपजिलाधिकारी ने की कार्यवाही।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के दुर्गयापट्टी गांव की खतौनी का प्रकरण।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के महाराजगंज क्षेत्र के दुर्गयापट्टी गांव की खतौनी में कूट रचित तरीके से 90 एकड़ भूमि 25 खातों में हुई दर्ज सगड़ी तहसीलदार की रिपोर्ट पर उप जिलाधिकारी राजीव रतन सिंह ने किया निरस्त नदी के खाते में हुआ दर्ज।
जानकारी के अनुसार सगड़ी तहसील के उपजिलाधिकारी न्यायालय में 15 दिसम्बर वर्ष 2022 को तहसीलदार सगड़ी की रिपोर्ट के आधार पर उपजिलाधिकारी सगड़ी राजीव रतन सिंह के आदेश पर दुर्गयापट्टी गांव की सन 1427-1432 में अंकित खाता संख्या 2,16,46,व नदी खाता संख्या 56 को छोड़कर शेष अन्य खाता 1,4,5,6,7,9,12,15,18,19,21,23, 32,33,34,36,37,39 व 40 को खारिज कर अंकित क्षेत्रफल को खाता संख्या 56 नदी में अंकित किया गया। गाटा संख्या 6 में कुल 25 खाता जो इंद्र भूषण, कमरूज्जमां,घुरहू,चंद्रभान,जंगलाल,झिनक,महंत, नारायण,विष्णुमा,बंशु,सत्यनाराण आदि नाम से दर्ज थे। जांच में खाता का विवरण कूट रचित पाया गया। वहीं गाटा संख्या 6 में 11ब व 14 ब 4 एकड़ और 10 एकड़ लालजी व कुंजा के नाम से दर्ज थी जो कूट रचित प्रतीत होती है। उपजिलाधिकारी सगड़ी राजीव रतन सिंह ने सगड़ी तहसीलदार शक्ति प्रताप सिंह की रिपोर्ट के आधार पर 36 हेक्टेयर अर्थात 90 एकड़ भूमि ऊपर कुटरचित तरीके से दर्ज नामों को निरस्त कर नदी के खाते में अंकित किया गया। उपजिलाधिकारी सगड़ी के आदेश पर भू माफियाओं जिन्होंने खतौनी में कूट रचना कर अपने नाम से दर्ज कराया था। हड़कंप मचा हुआ है। वहीं उप जिलाधिकारी राजीव रतन सिंह ने बताया कि फर्जी तरीके दर्ज भूमि स्वामियों के ऊपर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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