अब घरों में घुसने लगा घाघरा नदी की बाढ़ का पानी,कटने लगा एप्रोच मार्ग।
25 गांव की 32000 की आबादी हो गयी है बाढ़ के पानी से प्रभावित।
बाढ़ क्षेत्र के 20 परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के लिए अवकाश की घोषणा,शिक्षक देंगे हाजिरी।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर देवारा में बहने वाली घाघरा नदी के जलस्तर ने मंगलवार को इस साल रिकार्ड तोड़ दिया तो बुधवार की सुबह आठ बजे तीन सेमी जलस्तर बढ़ने के बाद शाम को चार बजे चार सेमी कम हो गया। इस प्रकार 24 घंटे के अंदर मात्र एक सेमी की कमी के बाद नदी खतरा निशान से 1.12 मीटर ऊपर बह रही। देवारा क्षेत्र के 25 गांव की लगभग 32000 हजार की आबादी बाढ़ के पानी से पूरी तरह से घिर गई है। जबकि देवारा खास राजा के झंडी का पुरवा में पानी घरों में घुसने लगा है। दुर्ग विजय यादव की पत्नी माधुरी ने बताया कि घर में पानी घुसने से तीन बच्चों के साथ पड़ोसी के घर में शरण लेनी पड़ी है। कई अन्य परिवार भी प्रभावित हैं। हाजीपुर बाजार में बाढ़ का पानी घुसने से दुकान प्रभावित हो गई हैं देवारा वासी अपने रोजमर्रा के सामानों की खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं दूसरी बाजरे काफी दूर है। खंड शिक्षाधिकारी हरैया अशोक कुमार राय ने बताया कि हालात को देखते हुए क्षेत्र के 20 परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया है। शिक्षकों को पास के स्कूलों में उपस्थित रहकर स्थिति पर नजर रखने और संचारी रोगों से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है।दूसरी ओर हाजीपुर-गोला मार्ग पर घाघरा नदी की शाखा पर बने पुल का एप्रोच मार्ग तेजी से कटने लगा है। इसकी जानकारी के बाद बाढ़ विभाग ने वहां पर बोल्डर आदि डालकर कटान रोकने की कवायद शुरू कर दी है। हालात को देखते हुए नाव की संख्या बढ़ाकर 151 कर दी गई है। इस बीच 72वें दिन बुधवार को भी 2,78,284 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर अभी बढ़ने की संभावना बनी हुई है। मुख्य मापक स्थल बदरहुआ नाले के पास खतरा निशान 71.68 मीटर है। मंगलवार को यहां 72.81 मीटर, तो बुधवार को एक सेमी घटकर 72.80 मीटर रिकार्ड किया गया। दूसरी ओर सितंबर महीने के अंत तक जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में दिख रहा है।
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