24 घंटे में 38 सेमी बढ़ा घाघरा नदी का जलस्तर।
तीन बैराजों से 5,17,767 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज।
खतरा निशान से 54 सेमी नीचे नदी का जलस्तर,
सहबदिया में कटान जारी ।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर दिशा में बहने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार कमी से अभी ग्रामीण राहत की सांस ले रहे थे कि अचानक 24 घंटे में 38 सेमी जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर बाढ़ के लौटने की चिंता सताने लगी है। इस बीच 68वें दिन शनिवार को 5,17,767 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर में उफान शुरू हो गया है। ग्रामीणों का मानना है कि अगर इसी तरह से आगे भी कुछ दिन पानी छोड़ा गया तो जलस्तर फिर खतरा निशान पार हो सकता है। कारण कि शुक्रवार को सुबह आठ बजे 3,24,439 और शाम चार बजे 4,36,125 क्यूसेक मिलाकर दो बार में 7,60,564 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।
मुख्य मापक स्थल बदरहुआ नाले के पास खतरा निशान 71.68 मीटर है,जबकि शनिवार को यहां का जलस्तर खतरा निशान से 54 सेमी नीचे 71.14 मीटर रहा यहां पर शुक्रवार को जलस्तर 70.76 मीटर रिकार्ड किया गया था।जलस्तर में कमी के साथ झगरहवा,बगहवा,बासू का पुरा, परसिया में कटान पहले ही रुक गई थी। जबकि सहबदिया में शनिवार को भी कटान जारी रही। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जलस्तर और बढ़ा तो बाकी के चार गांवों में भी कटान का खतरा बढ़ जाएगा। दूसरी ओर सितंबर महीने के अंत तक जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण भी ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए महुला गढ़वल बंधे पर हैदराबाद से महुला तक जहां-जहां बंधा जर्जर हो गया है मरम्मत व मिट्टी का कार्य कराया जा रहा है। बंधे में जल निकासी के लिए लगे रेगुलेटरों की मरम्मत कराया जा रहा है आज शनिवार को मठिया मड़ई रेगुलेटर का फाटक खराब हो गया था। रेगुलेटर से पानी के रिसाव की संभावना को देखते हुए मरम्मत कराया गया।प्रशासन भी बाढ़ के आसन्न संकट को देखते हुए अलर्ट दिख रहा है।
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