घाघरा नदी खतरा निशान से 66 सेमी पिछे लौटी।
घाघरा नदी में 28970 पानी हुआ डिस्चार्ज।
जगह-जगह जलभराव संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
हर खबर पर नजर सच है तो दिखेगा।
आजमगढ़।
सगड़ी तहसील के उत्तर बहने वाली घाघर नदी के जलस्तर में लगातार कमी दर्ज हो रही।लेकिन इस बीच दो दिनों में तीन बैराजों से छोड़े गए 5,10,429 क्यूसेक पानी ने बाढ़ के लौटने का डर भी पैदा कर दिया है। 56वें दिन 2,21,259 व 57वें दिन मंगलवार को 2,89,170 क्यूसेक पानी छोड़ने से जलस्तर में एक बार फिर वृद्धि की आशंका बढ़ गई है। वैसे जानकार ग्रामीणों का कहना है कि लगातार कई दिनों तक तीन लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ने से ही समस्या आएगी,वरना इतने पानी से मामूली अंतर ही आ सकता है। जलस्तर में घटाव के क्रम में सातवें दिन सोमवार को खतरा निशान 71.68 मीटर से 55 सेमी नीचे 71.13 मीटर,जबकि आठवें दिन मंगलवार को 66 सेमी कम 71.02 मीटर रिकार्ड किया गया। इस प्रकार जलस्तर में 24 घंटे के अंदर 11 सेमी की कमी दर्ज की गई है। इस बीच निचले हिस्सों में जलजमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है। जिससे लोग परेशान हैं। पानी कम होने के साथ देवारा खास राजा ग्राम सभा के झगरहवा,बगहवा,बासू का पुरवा के बाद परसिया में भी मंद गति से कटान शुरू हो गई थी। दूसरी ओर खेतों में अभी भी पानी होने के कारण हरे चारे की समस्या बरकरार है। जिनका खेत ग्रामीण महुला-गढ़वल बंधे के दक्षिण में भी है वह लोग पांच-छह किलोमीटर की दूरी तय करके पशुओं के लिए हरा चारा लेकर घर जा रहे हैं। हालांकि,जलस्तर में तीन महीने उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अलर्ट है।
No comments:
Post a Comment