Sunday, September 15, 2024

घाघरा खतरा निशान से 31 सेमी पार पहुंचा सरयू नदी का जलस्तर।

घाघरा खतरा निशान से 31 सेमी पार पहुंचा सरयू नदी का जलस्तर।

एक दर्जन गांवों के संपर्क मार्गों पर चढ़ा पानी, 24 घंटे में 85 सेमी की वृद्धि।

तीन बैराजों 3,63,675 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर दिशा में बहने वाली घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।24 घंटे में 85 सेमी जलस्तर बढ़ने के साथ जलस्तर खतरा निशान से 31 सेमी ऊपर पहुंच गया। इस बीच कई दिनों से झगरहवा में बंद कटान फिर शुरू हो गई तो सहबदिया में पहले की तरह से कटान जारी रही।इस बीच 69वें दिन रविवार को फिर 3,63,675 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जल स्तर और भी बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। इसे देखते हुए बाढ़ खंड बदरहुआ नाला के पास रेग्युलेटर बंद करने में जुटा रहा। बाढ़ खंड के जेई अवनीश कुमार ने बताया कि सहनूपुर और जोकहरा के पास बंधे की मरम्मत भी कराई जा रही है। ग्रामीणों का मानना है कि अगर इसी तरह से आगे भी कुछ दिन पानी छोड़ा गया, तो जलस्तर और भी वृद्धि तय है। अब तक 1,89,62,694 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। जलस्तर फिर खतरा निशान पार होने के साथ देवारा क्षेत्र के चक्की हाजीपुर,बूढ़नपट्टी,बांका,भदौरा, शाहडीह,मानिकपुर,अभ्भनपट्टी, सोनौरा,अजगरा मगर्बी सहित एक दर्जन गांवों के रास्ते डूब चुके हैं। प्रशासन को नाव चलाने के लिए अभी और जलस्तर बढ़ने का इंतजार है। मुख्य माप स्थल बदरहुआ नाले के पास खतरा निशान 71.68 मीटर है। शनिवार को यहां का जलस्तर खतरा निशान से 54 सेमी नीचे 71.14 मीटर था, जबकि रविवार को 85 सेमी बढ़कर 71.99 मीटर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से झगरहवा में फिर कटान शुरू हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जलस्तर और बढ़ा तो बाकी के तीन गांवों में भी कटान का खतरा बढ़ जाएगा। दूसरी ओर सितंबर महीने के अंत तक जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण भी ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है। प्रशासन भी बाढ़ के आसन्न संकट को देखते हुए अलर्ट दिख रहा है। बचाव व राहत कार्य के लिए प्रशासन द्वारा 10 बाढ़ चौकियों की स्थापना के साथ 14 स्थानों को राहत शिविर के लिए चयनित किया जा चुका है।

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