सहबदिया में तेज गति से हो रही कटान।
खतरा निशान से 56 सेमी नीचे पहुंचा जलस्तर, 24 घंटे में दर्ज की गई नौ सेमी की कमी ।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील के उत्तर दिशा में बहने वाली घाघरा नदी में लगातार घटाव दर्ज किया गया। 24 घंटे के अंदर जलस्तर में नौ सेमी की कमी दर्ज की गई,जो खतरा निशान 71.68 मीटर से 56 सेमी नीचे रहा। जलस्तर घटने के साथ चार गांवों झगरहवा, बगहवा,बासू का पुरा,परसिया में कटान थमने से राहत महसूस की जा रही है, तो सहबदिया में नदी की लहरें तबाही मचा रही है। राजीव पटेल,प्रेमा भास्कर, रामजन्म पटेल,रविंद्र पटेल, पुरुषोत्तम,रामहंस,अवधेश,ओमप्रकाश ,अकालू,महाबल,रामलाल,भजुराम,हरिराम,योगेंद्र,सत्य नरायन,पप्पू,राजकुमार सहित 60 लोगों के अब तक 62 एकड़ कृषि भूमि नदी की धारा में समा चुकी है। तो कई पेड़ भी उखड़कर बह चुके है। प्रशासन की ओर से अभी तक नुकसान का सर्वे शुरू नहीं किया गया है। यहां कई अन्य गांवों के लोगों की भी भूमि है। सहबदिया सुल्तानपुर के ग्रामीण जोखन सिंह,विनोद पटेल ने बताया कि घाघरा नदी से कटान होने की शिकायत हम लोगों ने लेखपाल नवीन चंद्र से किया है लेकिन अभी तक मौके पर नहीं पहुंचे हैं। जनप्रतिनिधियों से भी इस बात से अवगत करा दिया गया है। लेकिन हम लोगों के नुकसान का आंकलन कोई नहीं कर रहा है। दूसरी ओर गांवों के रास्ते से पानी भी हट गया है। लेकिन आसपास के निचले हिस्से में जलजमाव के कारण परेशानी बनी हुई है। इस बीच तीन बैराजों से 64वें दिन भी छोड़े गए 2,11, 536 क्यूसेक पानी से बाढ़ का संकट पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि लगातार कई दिनों तक ढाई लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ने पर बाढ़ की संभावना बनी रहती है। पानी कम होने के बाद भी आसपास खेतों में पानी होने के कारण पशुओं के लिए हरे चारे का संकट बरकरार है। मुख्य मापक स्थल बदरहुआ नाले के पास मंगलवार को जलस्तर खतरा निशान से 56 सेमी नीचे 71.12 मीटर दर्ज किया गया। सोमवार को यहां का जलस्तर 71.21 मीटर रिकार्ड किया गया था। हालांकि,जलस्तर में तीन महीने उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अलर्ट है।
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