Tuesday, October 12, 2021

रजादेपुर मठ के विवाद में आया नया मोड।

रजादेपुर मठ के विवाद में आया नया मोड।

सन्यासी मठ रजादेपुर पर जूना अखाड़ा ने ठोका दावा।

कार्यवाहक महंत को बताया अवैध।

उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मठ की करोड़ों की संपत्ति बचाने की मांग।

रजादेपुर सन्यासी मठ पर जांच के लिए उपजिलाधिकारी ने गठित की कमेटी।

(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के रजादेपुर  में स्थित सन्यासी मठ पर कार्यवाहक महंत को लेकर विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा। विगत 2 दिनों से रजादेपुर संन्यासी मठ पर विवाद चल रहा था। प्रशासन की सतर्कता से विवाद को कुछ दिन के लिए टाला गया किंतु इसी बीच जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर महंत कन्हैया प्रभुनंद गिरी जो माधोपुर धंराग लालगंज आजमगढ के मंहत हैं। जिन्होंने उपजिलाधिकारी सगड़ी गौरव कुमार को प्रार्थना पत्र देकर रजादेपुर मठ पर जूना अखाड़ा से अलग व्यक्तियों का अवैध ढंग से महंत नियुक्त होकर करोड़ों की संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया उन्होंने प्रार्थना पत्र देकर कहा कि रजादेपुर मठ जूना अखाड़ा का मठ हैं। जिसके महंत शिव हर्ष भारती जूना अखाड़े के सन्यासी थे जिनका निधन 24 जुलाई 2020 को हो गया जिसके पश्चात जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर एवं पदाधिकारियों द्वारा किसी महंत की अब तक नियुक्ति नहीं की गई है। जिस पर आसपास के गैर सन्यासी व्यक्ति जिनका जूना अखाड़े से कोई संबंध नहीं है।
मठ के कार्यवाहक महंत बनकर करोड़ों की संपत्ति हड़पना चाहते हैं। कुछ व्यक्तियों की एक फर्जी वह अवैधानिक कमेटी बनाकर गैरकानूनी तरीके से शिव शंकर भारती को कार्यवाहक महंत नियुक्त किया गया है। जिस पर जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर की हैसियत से रजादेपुर मठ जूना अखाड़ा के अधिकार क्षेत्र में है। उन्होंने मांग की कि जांच कराकर अवैध महंत एवं प्रबंधन समिति को निरस्त कर जूना अखाड़े के पदाधिकारियों एवं प्रबंध समिति की मदद से जूना अखाड़ा के रजादेपुर के महंत का चयन किया जा सके एवं करोड़ों की संपत्ति बचाई जा सके। उपजिलाधिकारी सगड़ी गौरव कुमार रजादेपुर मठ के विवाद को देखते हुए त्रीस्तरीय कमेटी की जांच बैठा दी। जिसमें सगड़ी तहसीलदार अभिषेक सिंह के नेतृत्व में नायब तहसीलदार विनय प्रभाकर व जीयनपुर कोतवाल दिनेश कुमार यादव को नामित किया गया है।

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