Friday, February 5, 2021

एन एस एस छात्रों ने चौरी चौरा शताब्दी समारोह एव एक दिवसीय शिविर लगाया।

एन एस एस छात्रों ने चौरी चौरा शताब्दी समारोह एव एक दिवसीय शिविर लगाया।

चौरी चौरा कांड पर नाटक प्रस्तुत कर मन मोहा।

एक दिवसीय शिविर लगाया गया।

(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के श्री गांधी पी.जी.कॉलेज मालटारी  के राष्ट्रीय जन सेवा योजना के छात्र छात्राओं ने कॉलेज परिसर में एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया। जिसमें चौरी चौरा शताब्दी समारोह मनाते हुए शहीदों को नमन किया एवं चौरी चौरा कांड पर एक बेहतरीन नाटक की प्रस्तुति दी। जिससे सभी का मन मोह लिया। वही इस समारोह में राष्ट्रीय सेवा योजना,रोवर्स रेंजर्स व एन.सी.सी.के कैडेट सम्मिलित रहे। कार्यक्रम का प्रारंभ रागिनी के सरस्वती वंदना व अंकिता के स्वागत गीत से हुआ। सरस्वती प्रतिमा पर संस्था के प्राचार्य डॉ. कौशलेंद्र मिश्र, रोवर्स रेंजर्स प्रभारी डॉ.प्रदीप कुमार राय,एन.सी.सी.प्रभारी श्री चंदन व राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ.शैलेश पाठक ने माल्यार्पण व प्रज्वलित किया। अंतिमा मौर्य ने देश भक्ति गीत -एक बार सलामी दे दो उन जवान के लिए, कामिनी रस्तोगी देश भक्ति गीत हम उस देश के वासी हैं जो देश कभी ना हारा अश्विनी बर्मा देश भक्ति गीत यह देश है वीर जवानों का के साथ ही सीमा सिमरन सोनी रागिनी सोनम स्नेह लता ब्यूटी यादव किशन आदित्य गुप्ता अंकित प्रजापति ने भी देश भक्ति गीत प्रस्तुत किए। रविंद्र कुमार ने चौरी चौरा कांड पर जोरदार भाषण प्रस्तुत किया। नवी सरवर अहमद व उनकी टीम के लोगों ने चौरी चौरा कांड पर नाटक प्रस्तुत किया जिसमें यह दिखाया गया कि गुप्तेश्वर सिंह दरोगा 4 क्रांतिकारियों को चौरी चौरा जेल में बंद कर देते है उनको छुड़ाने के लिए जनता जाती है तो जेल में पुलिस उनके साथ बदतमीजी करती हैं।अंत में क्रांतिकारियों ने जनपद गोरखपुर चौरी चौरा जेल को फूंक देते हैं। रोवर्स रेंजर्स प्रभारी डॉ. प्रदीप कुमार राय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सन 1922 ईस्वी में अंग्रेजों के शासन से छुटकारा पाने के लिए छात्र अध्यापक, किसान,साहित्यकार एवं क्रांतिकारी सभी लोग अपने -अपने स्तर से प्रयास कर रहे थे। एन.सी.सी.प्रभारी श्री चंदन जी ने कहा कि क्रांतिकारी नरम दल एवं गरम दल में जरूर ब़ट गए थे किंतु सबका उद्देश्य स्वराज पाना ही था। राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ शैलेश पाठक ने कहा कि गांधी जी अहिंसा के पोषक थे चौरी चौरा कांड होने के 8 दिन बाद 12 फरवरी 1922 को उन्होंने अपना असहयोग आंदोलन वापस ले लिया ।अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में संस्था के प्राचार्य डॉ कौशलेंद्र मिश्र ने कहा कि हमारे देश के लोगों ने विदेशी सामानों की  होली जलाई,विदेशी सामानों का बहिष्कार किया,स्वदेशी सामानों को अपनाया जिसका सूरज कभी दुनिया में नहीं डूबता था ऐसी सत्ता को हमारे देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने उखाड़ फेंका।राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ.शैलेश पाठक ने संचालन किया वह आए हुए अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम के समय राष्ट्रीय सेवा योजना बाबू जनार्दन राय एवं बृजेश शर्मा व चंद्रशेखर यादव उपस्थित रहे।

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