Saturday, December 6, 2025

बैनामे की जमीन बिना कब्जा दाखिल खारिज किया तो नपेंगे जिम्मेदार::रविंद्र कुमार

बैनामे की जमीन बिना कब्जा दाखिल खारिज किया तो नपेंगे जिम्मेदार::रविंद्र कुमार। 

धारा 24 के तहत नशब पत्थर उखाड़ा तो होगा नामजद केस।

पैमाइश के बाद भी चकरोड पर कब्जा करना सरकारी तंत्र को चैलेंज।

(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी बैनामे की जमीन पर बिना कब्जा दाखिल खारिज करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।धारा 24 के तहत नशब किए गए पत्थर उखाड़ने वालों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया जाय। पैमाइश करने के बाद भी चकटोड कब्जा करने वाले सरकारी तंत्र को चैलेंज दे रहे हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए।शनिवार को सगड़ी तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ग्यारह बजे दिन में पहुंच गए। जिलाधिकारी के आने की सूचना के चलते जनपद के अन्य अधिकारी पहले से ही मौजूद थे। मौके पर पहुंचते ही डीएम ने फरियादियों की समस्याओं को सुनना आरंभ किया।आधे घंटे के अंदर ही उन्होंने सभागार का दरवाजा बंद कर फरियादियों को रोक दिया। सभागार में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से एसआईआर की वर्तमान स्थिति,पशु शालाओं में पशुओं की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजाम और नगर पंचायत में रैन बसेरे की तैयारी की जानकारी ली।उन्होंने कहा कि आज चकरोड पर कब्जा, खारिज दाखिल और नशब पत्थर को उखाड़ फेंक देने की ही मुख्य समस्याएं प्राप्त हो रही है। उपजिलाधिकारी श्याम प्रताप सिंह से पूछा की राजस्व टीम की पैमाइश के बाद भी चकरोड पर कब्ज कैसे हो जा रहा है। यह सरकारी तंत्र को चैलेंज है। इस मामले में सख्ती से करवाई किया जाए। उन्होंने कहा कि दूसरा मामला खारिज दाखिल का है। प्राय: लोग़ विवादित जमीनों को बिना कब्जे ही किए ही बैनामा करा लेते हैं और कब्जा करने के लिए दरखास्त लेकर दौड़ते रहते हैं। ऐसे मामले में जब तक कब्जा ना हो जाए खारिज दाखिल नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे प्रकरण में यदि कोई अधिकारी खारिज दाखिल करता है तो जिम्मेदारी तय कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तीसरा मामला दो पक्षों के बीच फैसले के बाद नसब किए गए पत्थर को उखाड़ने का है। इन मामले में भी पीड़ित पक्ष से तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज कराया जाए। शिकायत और समस्याओं का गंभीरता से समाधान होना चाहिए। अधिकारियों को निर्देश देने के बाद जिलाधिकारी ने एक बार फिर कुछ देर तक शिकायतें सुनी और बारह बजे समाधान दिवस छोड़ रैन बसेरे का निरीक्षण करने निकल पड़े। उन्होंने जीयनपुर नगर पंचायत में बने गौशाला और रैन बसेरे को देखा।रैन बसेरे की खराब स्थिति देख अधिशासी अधिकारी को तुरंत दुरुस्त करने का निर्देश दिया।गौशाला निरीक्षण के बाद उन्होंने अलाव हरे चारे, भूसा और पशुओं को चारों तरफ से तिरपाल से ढकने का निर्देश दिया

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