सात दिन बाद होगी आजमगढ़ में दलित महा पंचायत।
पंचायत के फैसले के बाद होगा जनपद में बड़ा आंदोलन।
पलिया के पीड़ितों के लिए 5 करोड़ रुपए मुआवजे की मांग।
जिले के दोषी अधिकारियों को चैन से नहीं रहने देगी भीम आर्मी।
उत्तर प्रदेश सरकार को पीड़ितों को न्याय देना ही होगा।
(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
हर खबर पर नजर सच है तो दिखेगी।
आजमगढ़।
सगड़ी रौनापार थाना क्षेत्र के पलिया गांव में सोमवार को पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर रावण ने अपने अंदाज में सरकार को जमकर ललकारा और कहा कि पलिया कांड के दोषी अधिकारियों को बचा रही प्रदेश सरकार को इन्हे दंडित करना ही होगा। भीम आर्मी अब किसी भी अधिकारी को चैन से नहीं रहने देगी। उन्होंने कहा कि अब दलित और शोषित समाज जाग उठा है।हम किसी भी कीमत पर अपने मान और सम्मान से समझौता नहीं कर सकते। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ अभी यहां क्यों नहीं आए मेरी समझ में नहीं आता। आखिर शोषित समाज कब तक दबा रहेगा। सरकार से हम मांग करते हैं कि इस पीड़ित परिवार को पाँच करोड़ का मुआवजा तत्काल दिया जाए और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए अन्यथा भीम आर्मी किसी को छोड़ने वाली नहीं है। उन्होंने चारों पीड़ित परिवारों के लोगों से बैठकर घटना की पूरी जानकारी ली और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा देते हुए कहा कि आप डरिये नहीं हम जनपद ही नही प्रदेश के प्रत्येक दलित सोशित समाज को न्याय दिलाने तक सब आपके साथ हैं सरकार हर हाल में हमारी सुनेगी और आपको न्याय मिलेगा। अब यह समाज डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री एक तरफ गरीबों को आवास बांट रहे हैं।
तो दूसरी तरफ बेलगाम पुलिस गरीबों का घर तोड़ रही है। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ के चांदपट्टी, रानीपुर रजमो छपरा सुलतानपुर, गोधौरा सहित दर्जनों जगहों पर पुलिस ने बर्बरता पूर्वक गरीबों का मकान तोड़ा है। अब इस अन्याय को भीम आर्मी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और इसका डटकर मुकाबला किया जाएगा। रावण ने कहा कि 8 महीने के अंदर ही यह सरकार जाने वाली है। एक एक दोषी से चुन-चुन कर हिसाब किया जाएगा। अब पुलिस की गुंडागर्दी चलने वाली नहीं है। पीड़ित परिवारों पर लगे मुकदमों को हटाने,दोषी पुलिसकर्मियों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज करने,परिवार को 5 करोड़ का मुआवजा दिए जाने,सक्षम कोर्ट में एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज किए जाने तथा दोषियों को सस्पेंड कर उन्हें जेल भेजने की मांग की। यदि 7 दिन के अंदर सरकार ने मांग पूरी नहीं कि तो इस पलिया गांव में दलित महापंचायत की जाएगी। दलित महापंचायत के बाद इस गांव में बड़ा आंदोलन होगा। में इस जनपद को पूरी तरह से जाम कर दूंगा और आंदोलन की अगुवाई भी में स्वयं करूंगा। भीम आर्मी चीफ रावण ने गांव में जुटी हजारों की भीड़ से हाथ उठवाकर इस आंदोलन में भागीदार बनने की अपील की और वहां पंचायत में आने का न्योता दिया। भीड़ ने हाथ उठाकर आंदोलन के लिए हरी झंडी दी। सोमवार को चंद्रशेखर रावण के आने की भनक लगते ही सैकड़ों की संख्या में भीम आर्मी के कार्यकर्ता और महिलाएं सुबह से ही पलिया गांव पहुंचने लगी। आज उनमें जबरदस्त जोश देखने को मिला। चंद्रशेखर रावण के पहुंचने से पलिया गांव का मामला एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। दिन में लगभग 1:00 बजे पहुंचे चंद्रशेखर ने पलिया गांव में टूटे मकान और क्षतिग्रस्त सामानों को देखा पीड़ित परिवारों से मिलकर उनसे बातचीत की और घटना के बारे में जानकारी ली। आश्वस्त किया कि अब यहां के लोगों पर कोई अन्याय और अत्याचार नहीं हो पाएगा। इस दौरान सुबह से ही सरकार विरोधी एवं पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए जाते रहे और प्रशासन से उपजिलाधिकारी सगड़ी गौरव कुमार क्षेत्राधिकारी सगड़ी महेंद्र नाथ शुक्ला एसओ रौनापार जितेंद्र कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। भीम आर्मी चीफ के साथ एहसान खान प्रदेश प्रवक्ता आजाद समाज पार्टी, जनार्दन एडवोकेट विधिक सलाहकार ,धर्मवीर भारती पूर्व जिलाध्यक्ष, शैलेश कुमार एडवोकेट, राजेंद्र गौतम, बिपिन रावत ,राजू शास्त्री,अरविंद राणा ,दुष्यंत निराला सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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