उ0प्र0मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिया गया।
बेसहारा/अनाथ हुए बच्चों को सरकार की योजनाओं का लाभ शत प्रतिशत दिलायें- जिलाधिकारी
(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
आजमगढ़ 22 जुलाई-- मा0 राज्यपाल, उ0प्र0, आनंदीबेन पटेल एवं मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा लोक भवन लखनऊ से दीप प्रज्वलित कर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ किया गया।
प्रदेश स्तर पर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत चयनित किए गए 4050 कोविड-19 महामारी के दौरान अनाथ/बेसहारा हुए बच्चों के खाते में 4 करोड़ 86 लाख रुपए (रु0 4000 प्रति माह की दर से 3 माह के लिए प्रति लाभार्थी रु0 12000) ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया। इसी के साथ ही प्रतीकात्मक रूप से 10 लाभार्थियों (अनाथ/बेसहारा बच्चों) को स्वीकृति पत्र, स्कूल बैग, टिफिन प्रदान किया गया, जिसका सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार आजमगढ़ में किया गया।
इसी क्रम में जनपद स्तर पर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत चयनित किए गए 10 लाभार्थियों को जिलाधिकारी राजेश कुमार द्वारा स्वीकृति पत्र दिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि 36 लाभार्थियों (कोविड-19 महामारी के दौरान अनाथ/बेसहारा बच्चों) के खाते में 432000 रु0 (रु0 4000 प्रति माह की दर से 3 माह के लिए प्रति लाभार्थी रुपए 12000) के खाते में जल्द ही भेज दी जाएगी।
जिलाधिकारी द्वारा कोविड-19 के दौरान अनाथ/बेसहारा बच्चों में ज्ञानश्री चौहान, ज्ञानेश्वर चौहान, प्रांजल यादव, प्रियांशी यादव, आर्या गुप्ता से खाने-पीने, पढ़ाई आदि के विषयों पर बातचीत की गई।
इसी क्रम में जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए कि ज्ञानश्री चौहान का दाखिला कस्तूरबा गांधी विद्यालय में कराएं, प्रांजल यादव की माता नीलम यादव को विधवा पेंशन दिलाना सुनिश्चित करें एवं अभिषेक गुप्ता की अभिभावक नीतू गुप्ता को मुख्यमंत्री आवास योजना कि तहत आवास दिलाना सुनिश्चित करें।
इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि बेसहारा/अनाथ बच्चों को सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ शत प्रतिशत दिलाना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के बारे में बताया कि इस योजना के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष की आयु के बच्चे जिनके माता या पिता अथवा दोनों की कोविड-19 संक्रमण के कारण मृत्यु हो गयी है, उन्हें ‘उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ के तहत 04 हजार रुपए प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे। 11 से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों की निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था अटल आवासीय विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में करायी जाएगी। प्रदेश सरकार ऐसी अनाथ बालिकाओं के विवाह योग्य होने पर उनकी शादी हेतु 01 लाख 01 हजार रुपए उपलब्ध करायेगी। कक्षा 9 या इससे ऊपर की कक्षा में अथवा व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे 18 वर्ष आयु तक के ऐसे बच्चों को टैबलेट/लैपटॉप की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन नरेंद्र सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार मौर्य, जिला समाज कल्याण अधिकारी विनोद कुमार सिंह, महिला कल्याण अधिकारी प्रीति उपाध्याय, महिला शक्ति केंद्र की डीसी अन्नू सिंह, वन स्टॉप सेंटर मैनेजर सरिता पाल, केस वर्कर सहित अन्य कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
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