Saturday, November 7, 2020

जानलेवा हमला करने पर प्रधान सहित सात पर मुकदमा दर्ज।

जानलेवा हमला करने पर प्रधान सहित सात पर मुकदमा दर्ज।

जिले से नामित अधिकारियों द्वारा विकास कार्यो के जांच को प्रभावित करने को लेकर हुआ था जानलेवा हमला।

कप्तान के आदेश पर 4 दिन बाद दर्ज हुआ मुकदमा।

(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
सगड़ी जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के अतरकक्षा बरडीहा गांव में 2 नवंबर को सुबह लगभग 11:00 बजे कमिश्नर के आदेश पर गांव में विकास कार्यों की जांच करने के लिए जिले से नामित मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ वीके सिंह एवं सिंचाई विभाग के अवर अभियंता दधिबल यादव एवं खंड विकास अधिकारी इरशाद अहमदअजमतगढ़,सचिव ज्ञानदीप, द्वारा गांव में विकास कार्यों की जांच करने के लिए पहुंचे थे। गांव के प्राथमिक पाठशाला पर लोग इकट्ठा हुए थे। इसी दौरान अधिकारियों ने आरसीसी बनाए जाने व जल्द टूट जाने की शिकायत एवं करोड़ों रुपए के घोटाले का अंदेशा लगाते हुए जैसे ही प्रधान पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया की लॉक डाउन के दौरान करोड़ों रुपया का घोटाला विकास कार्यों के नाम पर कर लिया गया। जिसके लिए जिले से सोशल ऑडिट की टीम पहुंची और नापतोल आदि करना जैसे ही शुरू किया की जांच को प्रभावित करने के लिए प्रधान वसीम अहमद उनके पुत्रों उनके सगे संबंधियों द्वारा शिकायतकर्ता के ऊपर लाठी डंडा,गुप्ती तलवार,असलहे,से हमला बोल दिया गया। आलमगीर पुत्र स्वर्गीय रफीक अहमद ने आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे पुत्रों ने जैसे ही शिकायत की की करोड़ों का घोटाला किया गया है। वैसे ही प्रधान के सगे संबंधियों ने मेरे दो पुत्रों पर समर्थकों के साथ फरहान एवं मोहशिन पर हमला बोल दिया। इस हमले में लाठी डंडा गुप्ति तलवार असलहे से हमला बोला गया। जिसमें आलमगीर फरहान एवं मोहसीन बुरी तरह से घायल हो गए थे। जिनका जीयनपुर कोतवाली पर पहुंचने पर मेडिकल परीक्षण कराकर अजमतगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां उनका इलाज चल रहा है और वहां पर दो दिनों तक बेहोशी की हालत में मोहसीन और फरहान पड़े रहे। पर जीयनपुर पुलिस ने दोनों पक्षों से तीन तीन लोगों को शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया था। एवं मुकदमा नहीं दर्ज किया गया था। जिस पर आलमगीर द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाते हुए जीयनपुर पुलिस की कारगुजारी का एवं मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाते हुए प्रधान को बचाने का आरोप लगाया। जिस पर कप्तान के आदेश पर शुक्रवार की देर शाम ग्राम प्रधान वसीम,नसीम , हबीब, अजमल ,सारिक, हमजा,मोतीन पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर एक को गिरफ्तार कर लिया। गंभीर धाराओं में धारा 147, 148, 149, 307, 324, 323, 504, 506 एवं दंड संहिता की 1932 की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि अब तक किसी भी सरकारी कर्मचारी के द्वारा जांच को प्रभावित करने का मुकदमा नहीं दर्ज कराया गया है। खंड विकास अधिकारी ने ग्राम सचिव को मामले की जीयनपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करने के लिए निर्देशित किया था। पर अब तक न तो स्वयं खंड विकास अधिकारी न तो जिले से आए नामीत अधिकारियों एवं नाही सचिव ने मुकदमा दर्ज कराया। जिससे घोटाले की बू सामने आ रही है। जिसका मुख्य कारण सचिव और खंड विकास अधिकारी द्वारा जांच में धन उगाही कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। यह जगजाहिर है कि खंड विकास के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा कमीशन का खेल विकास कार्यों पर तेजी से चल रहा है। जिसके वजह से अधिकतर गांव के विकास कार्य प्रभावित हैं।

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