ताल सलोना की खुदाई नही होने पर मुख्यमंत्री से की शिकायत।
खुदाई नही होने से सिकुड़ रहा ताल का क्षेत्रफल।
जिलाधिकारी ने लिया सज्ञान बीडीओ को लिखा पत्र।
दूसरी हरित क्रांति में बनी ताल सलोना नहर निष्प्रयोज ।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के 1000 से ऊपर हेक्टेयर में फैला ताल सलोना ताल जहां अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। उसे देखते हुए घास और मिट्टियों से पटकर बेकार होता चला जा रहा है। दूसरे हरित क्रांति के दौरान ताल सलोना से निकलने वाली पंप कैनाल जो लगभग 60 से अधिक गांव में किसानों को सिंचाई का साधन बना करती थी। वह आज बंद हो जाने के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है एवं अस्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद प्राइवेट कर्मचारी डेली वेजेस पर लगाकर काम किए जा रहे हैं। ऊपर से 10 गांव से अधिक संख्या के मछुआरों की जीविका ताल सलोना से चलती है जो मछली,कवल गट्टा,सेरखी,तिन्नी का चावल आदि से अपना जीवन यापन करते हैं। कई बार ताल सलोना पर कई योजनाएं बनने के बाद भी परवाह नहीं चढ़ सकी।जिसको लेकर भाजपा नेता एवं पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अरविंद जायसवाल ने मुख्यमंत्री से शिकायत कर के ताल सलोना की खुदाई एवं साफ सफाई करने और नहर को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक पत्र लिखा।पत्र को शासन द्वारा संज्ञान में लेकर जिलाधिकारी को पत्र पर कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया। जिस पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी अजमतगढ़ को तत्काल योजना बनाकर ताल सलोन की खुदाई और साफ सफाई करने का निर्देश दिया।जबकि ताल सलोना पर कई योजनाएं शान द्वारा बनाई तो गई पर वह अब तक परवान नहीं चढ़ सकी। कभी पक्षी विहार होने की चर्चा होती रही तो कभी बांध बनाकर सलोना ताल के चारों तरफ बांध बनाकर नहर को सुचारू रूप से चलाने एवं मछुआरों को रोजगार देने की बात होती रही। पर नगर वासियों और ग्राम वासियों की मांग के बावजूद ताल सलोना पर सरकारी योजनाएं अब तक संचालित नहीं हो सकी। जबकि ताल सलोना की साफ सफाई और खुदाई कर कर गहराई कर दी जाए तो अगल- बगल क्षेत्र के मछुआरों एवं अन्य समाज को जीवका पार्जन के लिए काफी लाभ मिलेगा। इस संबंध में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अरविंद जायसवाल ने बताया कि इसके लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर खुदाई करने के लिए कहा गया जो पूर्व खंड विकास अधिकारी द्वारा ताल सलोना की खुदाई साफ सफाई करने का आश्वासन दिया गया था। पर अब तक क्षेत्र पंचायत द्वारा कोई कार्य नहीं कराया गया। जिसको लेकर जिले में आए हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से भी इसकी शिकायत की गई। जिस पर उन्होंने भी अधिकारियों से तत्काल ताल सलोना को संरक्षण करने का निर्देश दिया था।
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