Friday, June 30, 2023

हाईकोर्ट की अवमानना के बाद पोखरी से कब्जा हटाने पहुंचे नायब तहसीलदार।

हाईकोर्ट की अवमानना के बाद पोखरी से कब्जा हटाने पहुंचे नायब तहसीलदार।

1995 के ऑर्डर के बाद भी नही हटाया था पोखरी से अतिक्रमण।

ग्राम प्रधान ने कोर्ट में किया था अवमानना का दावा।

(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के ब्लॉक अजमतगढ़ अंतर्गत चांदपार ग्राम पंचायत में वर्षों से पोखरी पर अतिक्रमण कर के पक्का निर्माण किए पूर्व प्रधान हसीब द्वारा पक्का निर्माण किये जाने का आरोप है। पक्के मकान को ध्वस्तीकरण करने शुक्रवार को नायब तहसीलदार व लेखपाल राजस्व निरीक्षक के साथ मौके पर पहुंचकर मशीनें लगाकर कुछ हिस्सों को कटर से कटवाकर ध्वस्तीकरण कराया जा रहा है।जहां हाईकोर्ट का 1995 के आदेश के बावजूद पोखरी से अतिक्रमण नहीं हटाने पर ग्राम प्रधान हाशिम द्वारा हाईकोर्ट में अवमानना का मुकदमा दायर किया। जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी को पोखरी से अतिक्रमण हटाकर तत्काल सूचित करने को कहा। जिसको लेकर शुक्रवार को उपजिलाधिकारी के निर्देश पर नायब तहसीलदार माधवेंद्र सिंह,राजस्व निरीक्षक,लेखपाल अमित कुमार गांव में पहुंचकर मशीनें लगवाकर कटर से काटकर पक्के निर्माण को ध्वस्त करा दिया जहां जेसीबी की तलाश करते हुए जब जेसीबी उपलब्ध नहीं हुई तो मौके पर कटर से काटकर मकान को गिराए जाने का कार्य चल रहा है। इस संबंध में ग्राम प्रधान हासिम ने बताया कि गाटा संख्या 215 एवं 306 जो सरकारी अभिलेख में पोखरी के नाम से दर्ज है। जिसपर लगभग 56 कड़ी पर कब्जा पाया गया है। जिस पर कई वर्षों से दबंगों द्वारा कब्जा कर पक्का निर्माण कर लिया गया था। जिसको लेकर कोर्ट ने 1995 में ही ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। पर कर्मचारियों अधिकारियों की मिली भगत से ध्वस्त नहीं किया गया। जिसको लेकर कोर्ट में अवमानना का मुकदमा दायर किया गया। जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और मौके पर पहुंचकर आधे अधूरे मन से कार्रवाई की। जबतक पूरा अतिक्रमण हटा नहीं दिया जाता तब तक ग्राम पंचायत को पोखरी से मुक्त नहीं किया जा सकता।

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