Sunday, February 21, 2021

501 कन्याओं ने गाजा बाजा घंटा घड़ियाल के साथ निकाली गई शोभा कलश यात्रा।

501 कन्याओं  ने गाजा बाजा घंटा घड़ियाल के साथ निकाली गई शोभा कलश यात्रा।

21 फरवरी से 27 फरवरी तक चलेगा महायज्ञ।

सरजू तरसे 5 किलोमीटर दूर जाकर जल भरकर यज्ञ आचार्य द्वारा पंडाल में स्थापित कराया।

(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के श्री राम जानकी मंदिर(बाबा विंध्याचल दास की कुटी) गड़ेरुआ के परिसर में सात दिवसीय श्री विष्णु महायज्ञ के लिए रविवार को 501कुंवारी कन्याओं द्वारा श्री विष्णु महायज्ञ के लिए हाथी घोड़ा घंटाघड़ियाल के साथ कलश शोभायात्रा निकाली गई।जो सुबह  9:00 बजे से मंदिर में विधि विधान से यज्ञाचार्य डॉक्टर विभूति नारायण पांडे द्वारा पूजा अर्चना करने के उपरांत कलश पूजन कर कुंवारी कन्याओं व गांव के जजमान व अन्य लोगों द्वारा कलश सर पर रखकर  गांव का भ्रमण करते हुए करमणि गडरिया हासपुर होते हुए अखईपुर सरजू तट के लिए निकल पड़ी  जो गांव से लगभग 03 किलोमीटर दूर सरजू नदी अखईपुर के पास जल लेकर वापस लौटी तो यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के उपरांत विधि-विधान द्वारा कलश यज्ञमण्डप में स्थापित करा कर कन्याओं को प्रसाद आदि वितरित किया गया। इस दौरान लोग जय कारा लगाते हुए चल रहे थे। आगे आगे हाथी घोड़ा गाजा बाजा बजते हुए जा रहा था पूरा क्षेत्र भक्ति में हो गया व आसमान भक्तिमय नारों से गूंज उठा।  श्री विष्णु महायज्ञ 21 फरवरी से 27 फरवरी तक चलेगा। वही यज्ञ मंडप में कलश स्थापना के उपरांत  भक्तों ने  जयकारे लगाते हुए  यज्ञ मंडप की परिक्रमा की और क्षेत्र व परिवार के लिए सुख समृद्धि की कामना की। इस संबंध में यज्ञाचार्य डाक्टर विभूति नारायण पांडे ने बताया कि 27 फरवरी को समापन के दौरान भव्य भंडारे का आयोजन किया गया है एवं प्रवचन कर्ता स्वामी राम शंकर दास डिजिटल बाबा हिमांचल प्रदेश द्वारा प्रवचन किया जाएगा। हवन का कार्यक्रम प्रातः 9:00 से 12:00 बजे तक एवं उसके उपरांत 2:00 बजे से लगभग 5:00 बजे तक प्रवचन का कार्यक्रम किया जाएगा ।उन्होंने बताया कि यह यज्ञ पुजारी विंध्याचल दास कुटी पर भक्तों एव ग्रामीणों के सहयोग से कराया जा रहा है ।जो कई दिनों तक भक्तों के जयकारे से क्षेत्र गूंजता रहेगा ।इस दौरान उन्होंने समस्त धर्माचारयो समाजसेवियों व ग्रामीण जनता से अपील की है कि यज्ञ को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक दान देकर यज्ञ को सफल बनावे ।

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