Tuesday, April 7, 2026

सामाजिक संगठन अशोक सेवा संस्थान उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती राजूपट्टी में मनाई गई।

सामाजिक संगठन अशोक सेवा संस्थान उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती राजूपट्टी मनाई गई।

(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के राजूपट्टी गांव में सामाजिक संगठन अशोक सेवा संस्थान आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान की जयंती समारोह का आयोजन राम सुधार मौर्य के अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गौतमबुद्ध ,  सम्राट अशोक, डॉ भीमराव अंबेडकर के चित्र दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया। बालचंद कुशवाहा एवं श्रवण कुमार मौर्य  ने कहा कि भारत में आधुनिकता की दौड़ में शांति के लिए बौद्ध धर्म के मार्ग पर आत्मसात करना अत्यंत आवश्यक है। जिससे भारत में शांति की बहाली हो सके आज के दौर में जो विश्व युद्ध की दौड़ में गुजर रहा है सम्राट अशोक के विचारों की प्रासंगिकता होनी चाहिए।अशोक सेवा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम सुधार मौर्य ने कहा कि सम्राट अशोक के विचार में उतना ही प्रासंगिक है जितना ढाई हजार पहले था उनके शासनकाल में त्वरित न्याय और पूरी प्रजा को अपने पुत्र और पुत्री के समान मानते थे। उनके शासनकाल में प्रजा हमेशा सुखी रहती थी, यदि किसी को कहीं से कष्ट होता था तो उनके शासनकाल में तुरंत निदान भी करते थे देखा जाए तो एशिया के बड़े भू मार्ग पर उनका शासन चलता रहा और अमन चैन की बहाली भी थी। सम्राट अशोक अपने मंत्रियों को यह आदेशित कर रखे थे कि मेरे राज्य में प्रजा पर कोई कष्ट नहीं होना चाहिए प्रजा को सोई हुई रात में भी हर समय न्याय देना अत्यंत आवश्यक रह‍ता था। सम्राट अशोक ने 84 000 स्तूपों माध्यम से हिंदूकुश पर्वत से लेकर बर्मा तक भगवान गौतम बुद्ध के बताए हुए सत्य अहिंसा का शिलालेख लिखवाए थे और उनके राज्य में मानवता की बयार बह रही थी। उनके शासनकाल में प्रदूषण मुक्त सड़कों के किनारे छायादार वृक्ष जल से अनाथालय औषधालय वापस पक्षियों के लिए निशुल्क की व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाई थी। उनके शासनकाल में मकान में कभी ताले नहीं लगाए जाते थे ऐसे महापुरुष के विचारों को जानकर हमें चलना बहुत जरूरी है ताकि भारत में जाति-पाति का आतंकवाद भ्रष्टाचार समाप्त हो सके और भारत पुनः सोने की चिड़िया बन जाए। भारत विश्व का दर्जा प्राप्त करें ऐसा मेरी सोच है। जैसा सम्राट अशोक अपने शासनकाल में किए थे वैसे आज के आधुनिक भारत में होना बहुत ही जरूरी है। इस जयंती समारोह को राम सुधार मौर्य,राजेश यादव, हरिनाथ मौर्य,श्रवण मौर्य,प्रमोद मौर्य,मनोज चौरसिया,मंजू बौद्ध, अवधराज सरोज,जयप्रकाश यादव,बलिराम मौर्य,सुरेंद्र मौर्य  ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान सैकड़ो की संख्या में लोगो ने उनके विचारों को सुनते हुए उनके बताए गए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।

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