रजादेपुर मठ के महंत पर,न्यायालय के आदेश पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज।
फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने और स्वयं को महन्त घोषित करने का मामला।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
आजमगढ़ न्यायालय के आदेश पर जीयनपुर कोतवाली में मंगलवार को रजादेपुर मठ के शिव शंकर भारती पुत्र शिवहर्ष भारती ने शिवसागर भारती के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। मठ के महंत की गद्दी को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा है। शिवशंकर भारती ने ए,सी,जे,एम कोर्ट नंबर बारह में वाद दाखिल किया कि प्रयागराज निवासी शत्रुघ्न मिश्रा पुत्र शिवप्रसाद मिश्रा ने षड्यंत्र के तहत अपना नाम बदलकर शिवसागर भारती रख लिया और फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के आधार पर स्वयं को मठ का महन्त घोषित करने का प्रयास किया।शत्रुघ्न मिश्र वर्ष 2021 में संस्कृत शिक्षा ग्रहण करने के उद्देश्य से मठ में आया था और वहीं रहने लगा। इसी दौरान उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कर श्री तीरथराज सन्यासी संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, प्रयागराज से परीक्षा उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र भी बनवा लिया। जांच में प्रमाण पत्र पर दर्ज विवरण और वास्तविक जन्मतिथि व पारिवारिक अभिलेखों में स्पष्ट अंतर पाया गया। उक्त युवक ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तहसीलदार सगड़ी न्यायालय में मठ के महन्त के रूप में नाम दर्ज कराने के लिए नामांतरण वाद भी दायर किया था। जिसे 19 फरवरी 2024 को निरस्त कर दिया गया। इसके बावजूद युवक द्वारा मठ की संपत्ति हड़पने, नुकसान पहुंचाने और विद्यालय प्रबंधन में हस्तक्षेप की साजिश की जा रही है।थाना जीयनपुर, क्षेत्राधिकारी सगड़ी और पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को भी शिकायत दी गई। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते न्यायालय में वाद दाखिल किया गया।इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली जीयनपुर राजकुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। आगे विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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