Tuesday, March 12, 2024

प्रधान पर पोखरी कब्जा करने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप।

प्रधान पर पोखरी कब्जा करने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप।

जिलाधिकारी के आदेश पर राजस्व टीम ने की पैमाइस।

ग्राम प्रधान ने पोखरी को अमृत सरोवर बनाने का किया प्रस्ताव।

(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के विकास खंड हरैया के ग्राम पंचायत रामगढ़ में गाटा संख्या 190 मिलजुमला रकबा 0.388 हेक्टर लगभग 34 विस्वा सरकारी खाते में पोखरी के नाम से दर्ज है। जिस पर दर्जनों लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया है और पूरे गांव के नाबदान का पानी इस पोखरी के माध्यम से ही होती है। जबकि ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान व उनके परिजनो द्वारा पोखरी पर अतिक्रमण कर मकान बना लिया गया है। जिस पर ग्रामीणों ने 13 फरवरी को शिकायत की थी की अतिक्रमण को खाली कराया जाए और अतिक्रमण कारियो के खिलाफ कार्रवाई की जाये। जिस पर जिलाधिकारी द्वारा 17 फरवरी 2024 को जांच कर कार्रवाई नियमानुसार करने का उप जिलाधिकारी सगड़ी को निर्देशित किया। जिस पर सोमवार को राजस्व निरीक्षक के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया जो मौके पर पहुंचकर पोखरी पर किए गए अतिक्रमण की पैमाइश आदि कर रिपोर्ट तहसील को प्रेषित की गई। पोखरी पैमाइश के दौरान ग्रामीण काफी इकट्ठा हो गए थे। और पुलिस के निगरानी में पोखरी की पैमाइश की गई। जबकि पोखरी पर जो भी अतिक्रमण है उसे चिन्हित कर लिया गया और रिपोर्ट तहसीलदार को प्रेषित की जाएगी। इसके बाद जो भी निर्णय होगा उसकी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में राजस्व निरीक्षक उमा प्रसाद ने बताया कि पोखरी पर प्रधान पर ग्रामीणों द्वारा जो आरोप लगाया गया है वह पूर्ण रूप से निराधार है। जहां उनके मकान पोखरी के जद से बाहर है और गांव में कुछ लोगों का पोखरी पर अतिक्रमण है जिसके लिए पैमाइश कर ली गई है और रिपोर्ट तैयार कर उपजिलाधिकारी सगड़ी और तहसीलदार को प्रेषित कर दी जाएगी।इसके बाद अधिकारी जो निर्णय लेंगे उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।जबकि पोखरी पर प्रधान ऊषा राय पत्नी केदार राय द्वारा पूर्व में अमृत सरोवर बनाने के लिए प्रस्ताव किया गया है। अमृत सरोवर बन जाने से गांव का जो नाबदान का पानी है। उसकी भी एक समस्या बढ़ने के आसार बने हुए हैं। आखिर वह पानी कहां जाना है घनी आबादी के बीच पोखरी निर्मित होने के कारण पोखरी पर लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया है। अमृत सरोवर बनने के बाद जल निकासी की समस्या उत्पन्न होगी। इस संबंध में शिकायतकर्ता तेज प्रताप राय पुत्र ओमप्रकाश राय ने कहा कि यदि हमें जिलाधिकारी से न्याय नहीं मिला तो हम एक वाद हाईकोर्ट में दायर कर चुके हैं। हाईकोर्ट के द्वारा जो भी निर्णय आएगा वह देखा जाएगा।

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