Tuesday, April 19, 2022

अधिवक्ता समिति सगड़ी के पूर्व अध्यक्ष के निधन से अधिवक्ताओ में शोक।

अधिवक्ता समिति सगड़ी के पूर्व अध्यक्ष के निधन से अधिवक्ताओ में शोक।

1980 से 1992 तक तहसील बार के रहे अध्यक्ष।

तीन दिन तक कार्य से अधिवक्ता रहेंगे विरत।

(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
सगड़ी अधिवक्ता समिति सगड़ी के पूर्व अध्यक्ष राधे मोहन मिश्रा का मंगलवार को अचानक देहांत हो जाने से तहसील सगड़ी पर अधिवक्ताओं ने शोक सभा का आयोजन कर दो मिनट का मौन रखकर सम्वेदना व्यक्त करते हुए तीन दिन तक कार्य से विरत रहने का निर्णय किया। जिसके लिए पुस्तकालय भवन में बैठक कर।निर्णय लिया कि तीन दिन तक तहसील के समस्त न्यायिक कार्य न करने का निर्णय लिया गया।
वही शव उनके निवास कोलाघाट से तहसील पर पहुंचा तो अधिवक्ताओ ने उनके पार्थिव शरीर का दर्शन किया एव फूल माला पहनाकर श्रद्धांजलि दी।उसके बाद उनकी शव यात्रा उनके पैतृक निवास बड़ा गाव पुनापार पहुचा वहा से दोहरीघाट के सरजू तट के मुक्तिधाम पर उनके बड़े पुत्र मनीष मिश्रा ने मुखाग्नि दी। वही राधे मोहन मिश्रा 1980 से 91992 तक निर्विवाद रूप से सगड़ी अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष रहे। जिनके निधन से तहसील अधिवक्ताओ में शोक की लहर दौड़ गयी। वह अपने पीछे दो बेटे आशीष कुमार मिश्रा एडवोकेट,मनीष कुमार मिश्रा एव चार बेटियां छोड़ गए।इस सम्बंध में तहसील बार के अध्यक्ष ओमकार नाथ त्रिपाठी ने कहा कि हमने अपने बीच के एक शानदार अधिवक्ता और गुरु को खो दिया जो तहसील अधिवक्ता समिति सगड़ी के अध्यक्ष रहते हुए अधिवक्ताओ की लड़ाई लड़ी और बार का काफी विकास किया।जिससे हम समस्त अधिवक्ता तीन दिन तक न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। इस दौरान अधिवक्ताओ में अनिल सिंह,ओमकारनाथ त्रिपाठी, मणिकेश्वर मिश्र,वेद प्रकाश राय,सूर्यभान यादव,मनीष राय,संजय राय,मनसा यादव,अमरेंद्र सिंह, सुधीर राय,प्रेमशंकर यादव, हरिशंकर राय,हरिकेश यादव, दुर्गेश मिश्रा,पंकज दुबे,अविनाश राय,सन्तोष सिंह,संजय कुमार, सन्तोष कुमार आदि रहे।

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