Saturday, April 19, 2025

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा नवनीत ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट में होगी स्थापित।

15 लाख की लागत से बनी महाराणा प्रताप की मूर्ति होगी स्थापित।

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा नवनीत ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट में होगी स्थापित।

नवनीत ग्रुप के चेयरमैन प्रो.अमेरिका सिंह द्वारा प्रतिमा स्थापना हेतु उपलब्ध करवाई जाएगी जमीन।

महाराणा प्रताप स्मारक अभियान समिति द्वारा प्रतिमा स्थापना हेतु जमीन उपलब्ध करने हेतु किया था अनुरोध।

(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी नवनीत ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन ताहिर पुर बघवार में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की एक 12 फीट ऊंची और 3100 किलो वजनी मूर्ति जिसकी लागत लगभग 15 लाख रुपए अश्वारूढ़ प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। यह घोषणा नवनीत ग्रुप के चेयरमैन प्रोफेसर अमेरिका सिंह द्वारा की गई। जिन्होंने प्रतिमा स्थापना हेतु आवश्यक जमीन उपलब्ध करा दी गई है।इस संस्थान के अंतर्गत महाराणा प्रताप स्मारक अभियान समिति ने प्रतिमा स्थापना हेतु भूमि की उपलब्धता का अनुरोध किया था। जिसे पूर्व कुलपति प्रोफेसर डाक्टर अमेरिका सिंह ने इसे स्वीकार करते हुए कहा,"मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि मैंने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पावन भूमि उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में कुलपति के तौर पर कार्य किया है। प्रतिस्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराना नवनीत ग्रुप के लिए गर्व का विषय है।प्रतिमा की स्थापना के संबंध में उन्होंने बताया कि नवनीत ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के बधावर,के प्रांगण में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित करना चाहती है।
उन्होंने आगे कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक नायक नहीं,अपितु भारतीय समाज के हर व्यक्ति के लिए आस्था के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा की स्थापना से समाज के सभी वर्गों में एकता और प्रेरणा का संचार होगा। इसके साथ ही, इस प्रतिमा के माध्यम से युवा पीढ़ी को महाराणा प्रताप के साहस और बलिदान की कहानियों से जोड़ने का काम भी किया जाएगा। इस पहल की सराहना करते हुए स्थानीय समुदाय के लोगों ने भी अपनी खुशी का इजहार किया और इस प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रतिमा की स्थापना की तारीख और कार्यक्रम की जानकारी जल्द ही स्थानीय मीडिया के माध्यम से साझा की जाएगी। मूर्ति स्थापना महाराणा प्रताप के वंशजों के कर कमलों द्वारा किया जाएगा।

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