अधिवक्ता समिति सगड़ी के अध्यक्ष पद चुनाव को लेकर असमंजस बरकरार।
घोषणा के बाद भी नहीं हो पाया मतदान।
पुन:मतदान का एक पक्ष ने विरोध का किया था फैसला।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर शुक्रवार को भी असमंजस की स्थिति बनी रही। चुनाव समिति द्वारा घोषणा किए जाने के बाद भी मतदान की प्रक्रिया तक शुरू नहीं हो पाई। चुनाव को लेकर शुक्रवार को भी दोनों पक्ष अलग-अलग रणनीति बनाते रहे।अधिवक्ता समिति सगड़ी के अध्यक्ष, मंत्री और कोषाध्यक्ष पद के लिए गुरुवार को मतदान हुआ था। मतदान में कुल 103 लोगों ने अपने मत का प्रयोग किया। अध्यक्ष पद के लिए ओंकार नाथ त्रिपाठी और जयराम यादव मैदान में थे। मतगणना के दौरान ओंकारनाथ त्रिपाठी को 52 मत और जयराम यादव को 51 मत प्राप्त हुए। इस बीच जय राम यादव के पक्ष के लोगों ने आपत्ति किया कि दो मत अवैध है। उन मतों को अवैध घोषित कर पुनः मतगणना की जाए।दो अवैध मतों को लेकर दोनों पक्षों में जमकर बहस हुई। दोनों पक्षों में तकरार को देखते हुए चुनाव समिति ने चुनाव परिणाम की घोषणा रोक दी।परिणाम रोके जाने पर अध्यक्ष पद के प्रत्याशी ओंकारनाथ त्रिपाठी ने कहा कि मुझे 52 मत प्राप्त हुआ था। जिसकी गिनती भी चुनाव समिति द्वारा कर दी गई थी।
बाद में जयराम यादव के पक्ष के लोगों के दबाव में जबरदस्ती मुझे चुनाव जितने से रोका गया।मैं इस मामले को बार काउंसिल और हाई कोर्ट तक ले जाऊंगा।
अध्यक्ष पद के दूसरे प्रत्याशी जयराम यादव के प्रतिनिधि चंद्रशेखर यादव ने प्रतिवाद किया और कहा कि चुनाव समिति का जो निर्णय है वह सबको मान्य होना चाहिए। जब दो वोट अवैध हो गए और दोनों लोग बराबर हैं तो दोबारा मतदान के अलावा कोई विकल्प नहीं है।दोनों पक्षों में रस्सा कसी और वाद विवाद को देखते हुए चुनाव समिति ने 15 में को पुनःमतदान कराने का निर्णय लिया और नोटिस भी चस्पा कर दिया।शुक्रवार को मतदान का एक पक्ष विरोध करता रहा जबकि दूसरा पक्ष मतदान शुरू करने का इंतजार करता रहा। जिसके चलते शुक्रवार को भी मतदान नहीं हो पाया और अध्यक्ष पद को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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