सगड़ी तहसील में वकील और वादकारियों के बीच जमकर हुई झड़प।
वादकारियों ने एसडीएम को पत्रक सौंप कर कोर्ट चलाने की किया मांग।
(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील में शुक्रवार को वादकारियों और वकीलों के बीच हड़ताल को लेकर जमकर कहासुनी और झड़प हुई। मारामारी तक मामला पहुंचने के पहले ही उपजिलाधिकारी राजीव रतन सिंह ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया। वादकारियों ने उपजिलाधिकारी सगड़ी को पत्रक सौंप कर जहां कोर्ट चलाने की मांग की,वही अधिवक्ता समिति सगड़ी ने शनिवार को बैठक कर आगे की रणनीति तैयार करेगी। पैमाइश के मामले को लेकर निलंबित किए गए अरुण गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर अधिवक्ता समिति के लोगों ने तहसीलदार को प्रस्ताव देकर न्यायिक कार्यो से विरत रहने का निर्णय लिया। इस दौरान अधिकारियों से वकीलों की झड़प हो गई। वादकारियों का कहना है कि आए दिन वकीलों की हड़ताल होने से हम लोगों का काफी नुकसान हो रहा है और वकील जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया में विलंब कर रहे हैं। इस बात को लेकर वकील और वादकारियों में कहासुनी और धक्का-मुक्की होने लगी। मामला बिगड़ता देख इसके पूर्व ही उपजिलाधिकारी ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। अखिल भारतीय वादकारी वेलफेयर संगठन के अध्यक्ष मेवा लाल यादव,मंत्री श्रवण सिंह,रामदरस यादव,अनिल कुमार सिंह, स्वामीनाथ,जितेंद्र कुमार,विजय बहादुर यादव,विजेश्वर आदि ने उपजिलाधिकारी को पत्रक सौंप कर कहा कि वकीलों की हड़ताल को हाई कोर्ट कई बार असंवैधानिक घोषित कर चुका है। धारा 21 में प्राप्त मौलिक अधिकारों के तहत वकीलों की अनुपस्थिति में भी सुनवाई होनी चाहिए। अधिवक्ता समित सगड़ी के अध्यक्ष ओमकार नाथ त्रिपाठी,महामंत्री सूर्यभान यादव और आशीष मिश्रा ने कहा है कि तमाम अनधिकृत लोग न्यायालय परिसर में जुटे रहते हैं। जिनका कोई मुकदमा भी नहीं है। लेखपाल पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए शनिवार को समिति की बैठक होगी उसमें आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।
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