केवट की जिद के आगे श्रीराम को पड़ा झुकना धुलवाना पड़ा पांव।
राम केवट संवाद की हृदयस्पर्शी प्रस्तुति देख भाव विभोर हुए दर्शक।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी आदर्श रामलीला समिति जीयनपुर और श्री रामलीला समिति पुराना चौक अजमतगढ़ के रामलीला मंच पर पांचवें दिन राम केवट संवाद की लीला का मंचन किया गया। राम केवट संवाद की मनोहारी प्रस्तुति देख दर्शक भाव विभोर हो गए।
मां भगवती की आरती से शुरू हुई रामलीला के प्रथम दृश्य में भगवान राम भाई लक्ष्मण और अपनी पत्नी सीता के साथ वन को जाते समय नदी पार करने के लिए केवट को बुलाते हैं। घाट पर पहुंचते ही केवट उनका नाम पूछता है और समझ जाता है कि साक्षात परमात्मा मेरे सम्मुख उपस्थित है। वह भगवान से पांव धुलवाने की ज़िद करता है। कहता है कि बिना पांव धोए में आपको नाव में नहीं बैठाऊगा। भक्त के हठ के आगे भगवान को झुकना पड़ता है। पांव धूलने के बाद खुशी-खुशी केवट राम लक्ष्मण और सीता को नदी पार करता है। दूसरे दृश्य में भगवान राम पंचवटी में विराजमान हैं।विचरण करती हुई सुपनखा आती है। राम से विवाह का प्रस्ताव करती है। जिद करने पर लक्ष्मण उसकी नाक काट लेते हैं। रोती हुई सुपनखा खर दूषण के पास जाती है। दोनों भगवान राम से युद्ध करते हैं और मृत्यु को प्राप्त होते हैं। पुनः सुपनखा रावण के पास जाती है और नाक कान कटने का कारण बताती है। रावण मामा मरीच को सोने का हिरण बना कर ले जाता और सीता का हरण कर लेता है। रास्ते में रावण और जटायु का युद्ध होता है। दर्शक इन दृश्यों को देख कर भाव विभोर होकर दर्शन करते रहे और बीच-बीच में जय श्री राम के नारे लगाते रहे। इस दौरान रामलीला समिति के लोग मौजूद रहे।
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