ग्रामीण क्षेत्रों में बिना मान्यता के धड़ल्ले से संचालित हो रहे स्कूल, विभाग बेखबर।
पांचवीं की मान्यता शान से चल रही हाईस्कूल और इंटर की कक्षाएं।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी शासन के कड़े निर्देश के बाद भी सगड़ी तहसील के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में बगैर मान्यता के विद्यालय धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों पर प्रतिबंध लगाने के लिए विभाग ने बीते वर्ष नकेल कसते हुए नोटिस जारी की, लेकिन विभागीय सांठ-गांठ से नतीजा सिफर निकला। लंबे-चौड़े साइन बोर्ड लगाकर बेधड़क निजी विद्यालयों का संचालन हो रहा। कुछ स्कूलों को यदि पांचवीं की मान्यता है भी तो इंटरमीडिएट तक की कक्षाएं संचालित की जा रहीं। हालत यह कि प्रत्येक वर्ष खुल रहे स्कूलों पर विभाग का अंकुश नहीं है। लोगों का कहना है कि विभाग जानबूझकर बेखबर बना हुआ है। शासन की ओर से जब भी बगैर मान्यता के संचालित विद्यालयों पर कार्रवाई का निर्देश प्रतिवर्ष दिया जाता है। इस वर्ष शासन ने निर्देशित करते हुए बिना मान्यता की स्कूल चलाने वालों के खिलाफ एक लाख रुपए का जुर्माना निश्चित किया है। विभाग द्वारा निरीक्षण वैधानिक तरीके से चलाई जा रहे विद्यालयों को नोटिस करने के बाद भी यदि कोई स्कूल बंद नहीं होता है तो उसे प्रतिदिन 10000 तक का अतिरिक्त जुर्माना भरना पड़ेगा। शासन के इतने कड़े निर्देश के बावजूद विभाग नोटिस जारी कर कोरमपूर्ति कर लेता है। अजमतगढ़ ब्लॉक संसाधन केंद्र के अगल-बगल ही दर्जनों ऐसे विद्यालय हैं,जो बगैर मान्यता के संचालित हो रहे हैं। खास बात यह कि प्राइमरी व जूनियर तक की मान्यता लेकर इंटर तक की कक्षाएं चलाई जा रही हैं। ऐसे स्कूलों पर रोक लगाने के लिए शिक्षा के अधिकार अधिनियम में प्रावधान किया गया है,लेकिन कार्रवाई के नाम पर विभागीय अधिकारी कोरम पूर्ति कर रहे है।
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