गोवध अधिनियम में एक गिरफ्तार।
(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
हर खबर पर नजर सच है तो दिखेगी।
आज़मगढ़।
आजमगढ़ दिनांक- 15.12.2020 को उ0नि0 केशर यादव मय हमराह को जरिये मुखबिर खास सूचना मिली की मु0अ0सं0 414/2020 धारा 307 भादवि0 से सम्बन्धित अभियुक्त दिलावर पुत्र सोहेल निवासी असरफपुर थाना जीयनपुर जनपद आजमगढ़ मुबारकपुर तिराहे पर मौजूद कही जाने के फिराक में है यदि जल्दी किया जाये तो पकड़ा जा सकता है।
इस सूचना पर विश्वास करके उ0नि0 हमराह मय मुखबिर के रवाना होकर मुबारकपुर तिराहा आया जहां पर मुखबिर के इशारे हट बढ गया बताये लड़के के पास पहुँचक नाम पता पूछा गया तो सकपकाते हुये भागना चाहा कि हिकमत अमली से पकड़ लिया गया। नाम पता पूछने पर दिलावर पुत्र सोहेल निवासी असरफपुर थाना जीयनपुर जनपद आजमगढ़ उम्र करीब 25वर्ष बता रहा है कि अभियुक्त को कारण गिरफ्तारी बताकर समय 10.55बजे वाजाफ्ता गिरफ्तार कर जेर हिरासत पुलिस व जेर निगरानी खुद में लेकर थाना आया। अभियुक्त की गिरफ्तारी करते समय माननीय सर्वोच्च न्यायालय व मानवाधिकार आयोग के आदेशो निर्देशो का अक्षरशः पालन किया गया। यदि अभियुक्त को गिरफ्तारी नही की जाती तो इसके द्वारा पुनः इस तरह के अपराध किया जा सकता है तथा अभियोग के सुनवाई के दौरान फरार होने की सम्भावना से भी इंकार नही किया जा सकता है। तथा इनके द्वारा साक्ष्य को प्रभावित भी किया जा सकता है। अतः ऐसी दशा में उक्त अभियुक्त को गिरफ्तार कर चालान मा0 न्यायालय किया गया है।
इस सूचना पर विश्वास करके उ0नि0 हमराह मय मुखबिर के रवाना होकर मुबारकपुर तिराहा आया जहां पर मुखबिर के इशारे हट बढ गया बताये लड़के के पास पहुँचक नाम पता पूछा गया तो सकपकाते हुये भागना चाहा कि हिकमत अमली से पकड़ लिया गया। नाम पता पूछने पर दिलावर पुत्र सोहेल निवासी असरफपुर थाना जीयनपुर जनपद आजमगढ़ उम्र करीब 25वर्ष बता रहा है कि अभियुक्त को कारण गिरफ्तारी बताकर समय 10.55बजे वाजाफ्ता गिरफ्तार कर जेर हिरासत पुलिस व जेर निगरानी खुद में लेकर थाना आया। अभियुक्त की गिरफ्तारी करते समय माननीय सर्वोच्च न्यायालय व मानवाधिकार आयोग के आदेशो निर्देशो का अक्षरशः पालन किया गया। यदि अभियुक्त को गिरफ्तारी नही की जाती तो इसके द्वारा पुनः इस तरह के अपराध किया जा सकता है तथा अभियोग के सुनवाई के दौरान फरार होने की सम्भावना से भी इंकार नही किया जा सकता है। तथा इनके द्वारा साक्ष्य को प्रभावित भी किया जा सकता है। अतः ऐसी दशा में उक्त अभियुक्त को गिरफ्तार कर चालान मा0 न्यायालय किया गया है।
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