Tuesday, December 22, 2020

किसान बिल के विरोध में मालटारी बाजार में सपा कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा निकाल किसानो संग की संगोष्ठी।

किसान बिल के विरोध में मालटारी बाजार में सपा कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा निकाल किसानो संग की संगोष्ठी।

(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
हर खबर पर नजर सच है तो दिखेगी।

आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के मालटारी बाजार में 22 दिसंबर मंगलवार को समाजवादी पार्टी के मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आवाहन पर पूरे प्रदेश में सपा कार्यकर्ता गांव गांव जाकर केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए किसान बिल के विरोध में पदयात्रा निकालकर संगोष्ठी कर रहे हैं। मंगलवार को सराय सागर मालटारी बाजार में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा निकाली और सरकार विरोधी नारे भी लगाए। पदयात्रा के बाद बाजार के पश्चिमी छोर पर स्थित खेल के मैदान के पास संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शंकर यादव ने कहा कि यह पदयात्रा हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आवाहन पर निकाली गई है। आज किसानों की बात को सुनने के लिए केंद्र सरकार तैयार नहीं है। वह अडानी और अंबानी की गोद में खेल रही है। यह अडानी और अंबानी का देश नहीं है। सगड़ी विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी रहे जयराम सिंह पटेल ने कहा कि- भाजपा की केंद्र सरकार ने किसानों के लिए जो किसान बिल पास किया है। वह किसान हित में नहीं है। आज देश का किसान आंदोलित है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के आवाहन पर हम लोग जन जागरण अभियान निकालकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। जब तक यह किसान बिल वापस नहीं होगा तबतक यह अभियान लगातार चलता रहेगा।
सपा नेता उधम सिंह राठौर ने कहा कि जबतक यह सरकार काला कानून वापस नहीं लेगी तबतक सपा के कार्यकर्ता और नेता चुप बैठने वाले नहीं हैं। सरकार को हर हाल में काला कानून को वापस लेना होगा।
सपा नेता रामाश्रय राय ने कहा कि भाजपा की प्राथमिकता में गरीब किसान नहीं है। बल्कि कॉरपोरेट घरानों का हित साधना है। कड़ाके की ठंड में हजारों किसान खेती बचाने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। कई लोग तो अपनी जान भी गवा बैठे हैं। लेकिन भाजपा सरकार अंधी बहरी सरकार बनी हुई है।
पूर्व विधानसभा प्रभारी श्रीकांत यादव ने कहा कि नए कृषि कानून से देश में जमाखोरी के साथ बेतहाशा महंगाई बढ़ेगी। नया कृषि कानून देश को गुलामी के रास्ते पर ले जायेगा। इस काले कानून से किसान ही नहीं देश की जनता को भी भारी कष्ट उठाना पड़ेगा। सरकार को किसी भी कीमत पर इस कानून को वापस लेना ही होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष रामदरश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों की आवाज को दबाने के लिए दमन का सहारा लिया है। किसानों पर या उनके समर्थन में खड़े लोगों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और कितने लोग जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है। लेकिन हम समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए तैयार है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए विधानसभा सगड़ी महासचिव मिर्जा मसऊद बेग ने कहा कि किसानों की शक्ति के आगे बड़ी बड़ी ताकतों को नतमस्तक होना पड़ा है। भारत एक कृषि प्रधान देश है, 80% पर किसान खेती करता है। किसान आंदोलन के सामने रूस, अमेरिका और जापान जैसे शक्तियों को झुकना पड़ा है। केंद्र सरकार को भारतीय किसान आंदोलन के सामने झुकना ही पड़ेगा। जब तक नहीं सरकार किसान बिल वापस नहीं लेगी तब तक समाजवादी पार्टी किसान आंदोलन को आगे निरंतर चलाती रहेगी। अंत मे कार्यक्रम के संयोजक सराय सागर मालटारी से महाप्रधान राजेश यादव ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज देश का किसान परेशान है। लेकिन उनकी सुनने वाली सरकार नहीं है। यह पूंजी पतियों के हाथों की कठपुतली बन चुकी है। जब तक किसान बिल वापस नहीं होगा तबतक हम लोग आंदोलन करते रहेंगे। इस दौरान पदयात्रा व संगोष्ठी कार्यक्रम में ओमप्रकाश राय उपाध्यक्ष, सूर्यनाथ यादव, ओमप्रकाश यादव, बालचन्द कुशवाहा, हरिमोहन मौर्य, साहब सिंह पटेल, मान सिंह पटेल, हरिकेश यादव, हरिशंकर यादव आदि सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

No comments:

Post a Comment