मनरेगा की जांच करने पहुंचे डीसी मनरेगा के सामने ग्रामीण भिड़े।
तहसील दिवस पर की गई थी ग्राम पंचायत में गड़बड़ी की शिकायत।
जांच के दौरान दो पक्ष भिड़े।
(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
सगड़ी ब्लॉक अजमतगढ़ के दाऊदपुर गांव में तहसील दिवस पर जिलाधिकारी को गांव के रामाश्रय यादव व प्रभुनाथ ने गांव में हुए विकास कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। जिसपर जिलाधिकारी ने जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। जिसपर डीसी मनरेगा राधेश्याम बर्मा व तकनिकी सहायक विजेंदर सिंह गांव में मनरेगा द्वारा कराए गए कार्यों की जांच एव सत्यापन करने पहुंचे।जांच के दौरान दोनों पक्ष आपस में भीड़ गए और एक दूसरे को देख लेने की धमकी देने लगे। जिसपर लोगों ने समझा-बुझाकर मामले को तो शांत करा दिया।
पर रामाश्रय द्वारा की गई शिकायत की बारीकी से जांच करते हुए तकनीकी सहायक द्वारा नापी व कार्यो का सत्यापन किया। इस दौरान ग्रामीणों द्वारा विकास कार्य पर खड़ंजा,चकमार्ग, तटबंध आदि बनाए जाने में बड़ी घोर लापरवाही एवं धांधली करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। जिसकी जांच की गई। जांच के दौरान भारी संख्या में ग्रामीण व कई प्रधान मौके पर उपस्थित थे। इस संबंध में डीसी मनरेगा आर के वर्मा ने कहा कि ग्राम पंचायत में जिलाधिकारी को तहसील दिवस पर शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया था कि गांव में मनरेगा के कार्य में घोर अनियमितता की गई है। जिसकी बारीकी से जांच की गई एवं फाइलों से मिलान करके सत्यापन किया जाएगा की कितने कार्यों में लापरवाही करते हुए धन का दुरुपयोग किया गया है। यह पूरा प्रकरण जांच के बाद ही मालूम चलेगा। अभी हम लोगों ने तकनीकि सहायक के साथ मिलकर स्थलीय सत्यापन कर लिया गया है। जो ब्लाक से पूरी फाइल निकाल कर मिलान की जाएगी। वही शिकायतकर्ता रामाश्रय यादव ने जांच किए गए कार्यों से संतुष्ट नही दिखे और कहा कि हम ऊपर तक ग्राम पंचायत में की गई गड़बड़ियों की जांच कराने के लिए जाएंगे। उसने बताया कि हमने मुख्यमंत्री पोर्टल मंडलायुक्त सीडीओ आदि को भी जांच करने के लिए शिकायती प्रार्थना पत्र दिया है। पर मुख्यमंत्री पोर्टल पर गलत आख्या देकर यह कहा जा रहा है कि सभी कार्य सही पाए गए हैं। जिससे हम काफी असंतुष्ट है।
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