Saturday, August 5, 2023

तहसील समाधान दिवस पर त्वरित निस्तारण के आदेश।

तहसील समाधान दिवस पर त्वरित निस्तारण के आदेश।

156 शिकायती प्रार्थना पत्र पड़े तीन का निस्तारण।

हर घर तिरंगा के लिए अधिकारियों को निर्देश। 

मुख्य राजस्व अधिकारी के यहां से आई फाइल गायब पर आरके एव माल बाबू को फटकार। 

(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील समाधान दिवस पर शनिवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 156 प्रार्थना पत्र पढ़े जिसमें से 3 का मौके पर  निस्तारण कर दिया गया।शेष को त्वरित निस्तारण करने का अधिकारियों को निर्देश दिए गए। इस दौरान तहसील पर 10 साल से चक्कर लगा रहे एक व्यक्ति की फाइल मुख्य राजस्व अधिकारी आजमगढ़ से आई हुई थी जो काफी दिनों से गायब थी और उसे कहीं छुपा कर रख दिया गया था।
पीड़ित के शिकायत पर आरके एवं माल बाबू को जमकर फटकार लगाते हुए उन्होंने फाइल को तुरंत प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वही उन्होंने समस्त अधिकारियों से पूर्व वर्ष की भांति इस वर्ष भी हर घर तिरंगा कार्यक्रम पर अधिकारियों से बैठक कर समस्त योजना बनाकर ध्वज खरीदने के निर्देश दिए गए एवं हर कालेजों ग्रामीणों ब्लॉक मुख्यालयों अन्य कार्यालयों पर फहराये जाने हैं। जिसका निर्धारित मूल्य ₹25 निर्धारित किया गया है एवं उधार की खरीदारी नहीं किए जाने का उन्होंने निर्देश दिया। कारण कि पिछले वर्ष का पैसा अभी तक बकाया पड़ा हुआ है। इस दौरान पारीपट्टी निवासी आयशा पुत्री समसुद्दीन ने आरोप लगाया कि न्यायालय द्वारा वरासत निस्तारण के बावजूद भी पत्रावली में स्थगन आदेश पारित कर पत्रावली जबरदस्ती लंबित करके मुझे परेशान कर कर प्रताड़ित किया जा रहा है। जबकि मृतक के पिता कानूनी जायज बारिशों में अबुसाद एकमात्र पुत्र है। 
वही सर्वजीत यादव पुत्र रामधारी ग्राम पैकौली थाना महाराजगंज ने आरोप लगाया कि हल्का लेखपाल अंकित राय द्वारा पांच भाइयों के स्थान पर दो भाइयों के नाम आबादी की जमीन में फर्जी तरीके से दर्जकर दिए हैं और सर्वे से दो भाइयों को गायब कर दिए हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी जमीन हम भाइयों के नाम से दर्ज नहीं की जा रही है। 
वही रेनू सिंह पुत्री स्वर्गीय अवधेश सिंह निवासी आराजी देवारा करखिया ने आरोप लगाया कि मेरे पिता के मृत्यु के बाद गांव के  हरिशंकर सिंह पुत्र झिनकू सिंह द्वारा 1990/ 91 के दौरान तत्कालीन लेखपाल बालचंद यादव की मिली भगत से सीता देवी एवं उर्मिला देवी के नाम से फर्जी तरीके से वरासत करा लिया। जबकि समस्त दस्तावेज परिवार रजिस्टर से लेकर अन्य कागजों में गलत तरीके से जो नामकरण कराया गया था। उसे उपजिलाधिकारी सगड़ी द्वारा निरस्त कर दिया गया। उसके बावजूद अब तक मुझे जमीन पर कब्जा नहीं दिया गया। जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी रौनापार को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। जबकि रेनू का आरोप है कि उक्त लोग काफी मनबढ़ और दबंग किस्म के लोग हैं और हम लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं। वहीं जिलाधिकारी द्वारा तहसील समाधान दिवस पर पढ़ने वाले शिकायती प्रार्थना पत्रों को त्वरित निस्तारण के लिए टीम गठित करके तत्काल कार्यवाही कर मामले को हल कराने का निर्देश दिया। इस दौरान जनपद के समस्त अधिकारी वह ब्लॉक तहसील स्तर के लोग मौजूद थे।

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