लापरवाह प्रशासन ओर वेपरवाह जनता ने कोरोना को गांव में पांव पसारने का दिया मौका।
करौना संदिग्ध की मौत से
गांव में डर का माहौल।
(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
हर खबर पर नजर सच है तो दिखेगी।
आजमगढ़।
सगड़ी जीयनपुर कोतवाली थाना क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम भटौली इब्राहिमपुर निवासी दुर्जन राम उम्र 65 साल दिल्ली में काम करता था रविवार को दिनाँक 31- 5- 2020 को दिन में 12:00 बजे घर आया उसकी कोई जाँच नहीं हुई वह सर्दी जुकाम, बुखार व खासी से पीड़ित था। घर वालो ने शाम को 6:00 बजे के लगभग कँजरा दिलशादपुर बाजार में दवा के लिए लाये। वहीं उसकी मौत हो गयी। दूर्जन के सारे लक्षण करौना जैसे ही थे लेकिन जाँच ना होने से घर व गांव वाले आशंकित होकर दरवाजे के बाहर खेत में रात भर मृतक व्यक्ति का शव को बाहर ही रखें हुए थे। लेकिन प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर देखने नहीं गया। सोमवार की सुबह 9:00 बजे घर वालों ने उसका अंतिम संस्कार करने के लिए दोहरीघाट ले गये। गांव के कुछ लोगों का कहना है कि दुर्जन को पहले से टी बी था। और उसी से उसकी मौत हुई है। क्योंकि मरने के समय उसके मुँह से खून आ रहा था। चाहे किसी कारण से मरा हो गांव वाले प्रशासन से नाराज भी हैं और कोरोना के डर से आशंकित भी है कि कहीं उसको अगर कोरोना हुआ होगा तो पूरा गांव सक्रमित होने का खतरा हो सकता है। वहीं गांव वालों का कहना है कि प्रशासन दावा तो करता है सभी के जाँच का लेकिन इसकी जाँच ना कराके गाव वालों को भय में जीने पर मजबूर कर दिया है।
No comments:
Post a Comment