नही रहे शिक्षा के पुरोधा पुरुषोत्तम मौर्य शोक सभा आयोजित कर दी गयी श्रद्धांजलि।
समाज मे आजीवन शिक्षा की जलाते रहे अलख।
वर्ष 2000 में राज्यपाल से पुरुस्कार से किये गए थे सम्मानित।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के ब्लॉक हरैया अंतर्गत अजूआ गांव निवासी 85 वर्षीय पुरुषोत्तम मौर्य का निधन रविवार को तड़के हो जाने से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जहां उनके घर पर पहुंचकर लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए शोक सभा का आयोजन किया और नम आंखों से उन्हें विदाई दी गई। जिनका अंतिम संस्कार दोहरीघाट के सरजू तट पर मुक्तिपथ पर किया गया। पुरुषोत्तम मौर्य आजीवन अविवाहित रहते हुए पूरा जीवन शिक्षा को समर्पित कर दिया था। जहां आजादी के समय दलित और पिछड़े वर्ग में शिक्षा का अभाव था। वहीं उन्होंने स्नातक की शिक्षा ग्रहण करने के बाद कई सरकारी विद्यालयों में शिक्षक के तौर पर शिक्षा देते हुए छात्र- छात्राओं को बेहतर शिक्षा देने का प्रयास किया और लोगों में शिक्षा के प्रति जो जुनून और विश्वास भरा उससे समाज मे शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी और लोगो ने उनके बताए रास्ते पर चलकर आगे बढ़े। उनके गांव से लेकर अलग-अलग क्षेत्र में दिखाई देता है जहां उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता की तरह कार्य करते हुए शिक्षा में लोगों को जागरूक करने का काम किया और उनके पढ़ाये हुए कई लोग आज कुलपति से लेकर डॉक्टर और इंजीनियर तक मौजूद है। रविवार को जैसे ही लोगों को सूचना मिली उनके मृत्यु की लोग उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इसके पूर्व लोगों ने 2 मिनट का मौन रखकर परमपिता परमेश्वर से उनके आत्मा की शांति प्रदान करने को मौन रखा।श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में डॉक्टर अमरीक सिंह पूर्व कुलपति,दिनेश यादव,प्रमोद कनौजिया,अखिलेश मौर्या,अमित कुमार राय,श्यामराज चौहान डॉक्टर उदयभान यादव,हरिशंकर राय,मनोज राय आदि लोग रहे।
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