नथ्थूपुर अंजान शहीद में हुआ शहीद मेला का आयोजन।
शहीद रामसमुझ यादव को माल्यार्पण कर कारगिल योद्धा ने किया नमन।
शहीदों के परिजनों को कारगिल योद्धा ने किया सम्मानित।
शहीद मेला में हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम।
(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के नथ्थूपुर अंजान शहीद में कारगिल शहीद रामसमुझ यादव की याद में शहीद मेला का भव्य आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में कारगिल योद्धा मेजर दीपचंद ने शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया।
वही पूर्वांचल के लगभग दो दर्जन शहीद परिवारों को कारगिल योद्धा ने किया सम्मानित इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कारगिल युद्ध की जीवंत कहानी सुनाई वही मौजूद आवाम को सच्चे राष्ट्र सैनिक बनने का और शहीद के परिजनों को सम्मान देने का आवाहन किया शहीद मेला में बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया वही भोजपुरी लोक गायक विजय चौहान व शिल्पी राज ने भोजपुरी में देश भक्ति गीत प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।
जानकारी के अनुसार कोविड काल के दो वर्ष के बाद 30 अगस्त 2022 में कारगिल शहीद रामसमुझ यादव की याद में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष 22वें साल शहीद मेला का भव्य रुप से आयोजन किया गया जिसमें कारगिल योद्धा मेजर दीपचंद निवासी हिसार हरियाणा मुख्य अतिथि के रुप में मौजूद रहे जिन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान अपने एक हाथ और दो पैर गंवा दिए थे वह मंगलवार दिन में 12:20 बजे कारगिल शहीद रामसमुझ यादव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया वही इस दौरान भारत माता की जय कारों से पूरा पंडाल गूंज उठा शहीद मेला में पूर्वांचल के 22 शहीद परिवारों को मेजर दीपचंद ने अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कारगिल युद्ध कि अपनी जीवंत कहानी जिसमें उन्होंने ऑपरेशन कारगिल के आदेश के उपरांत बटालियन के द्वारा सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ाई से लेकर विजय तिरंगा फहराने तक वहीं चोटी पर बैठे पाकिस्तानी दुश्मनों के द्वारा नीचे टुकड़ी पर अचानक हमला बोलने जिसमें बटालियन के 90 जवान एक गड्ढे में छुप गए गोलीबारी बंद होने के बाद फिर जवान उठ कर 10 हजार सैनिकों से लड़े वही मेजर दीपचंद जो तोपची के रूप में कार्य कर रहे थे के ऊपर गोला गिरा जिसमें उनके दोनों पैर और एक हाथ काटने पड़े इस दौरान उनके साथी जवानों ने 17 बॉटल खून देकर जान बचाई 6 माह बाद पैर लगाए गए की भावुक कहानी लोगों को सुनाई जिस पर मौजूद सभी लोगों की आंखों में आंसू आ गए इस दौरान उन्होंने अपना एक कविता पढ़ी एक लड़ाई खत्म दूसरी शुरू पर वह लड़ाई शत्रु से थी दूसरी मृत्यु से है पहली लड़ाई मुश्किल थी पर यह थोड़ी और ज्यादा है सुना कर लोगों को भाव विभोर कर दिया वहीं मौजूद सभी लोगों से आवाहन किया कि सेना के जवान देश के लिए सीमा पर प्राण देते हैं तो आप सभी राष्ट्र सैनिक हैं आप अभी देश के लिए देश में लड़ते हैं आप सभी सेना के जवान व शहीद का सम्मान करें। इस दौरान शहीद मेला में बच्चों ने विभिन्न राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत कर मन मोह लिया तो वही लोक गायक विजय चौहान व शिल्पी राज ने भोजपुरी में देशभक्ति गीत गाकर सभी का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में मेला आयोजक प्रमोद यादव ने मुख्य अतिथि सहित दर्जनों अतिथियों का अंगवस्त्रम व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया। वहीं शहीद मेला में आए सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान शहीद रामसमूझ के पिता राजनाथ यादव, गायक मनोज यादव,राकेश यादव,विधायक डॉ एच एन सिंह पटेल,विधायक अखिलेश यादव,जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव,हवलदार यादव,मनीष मिश्रा पिंटू, पूर्व एमएलसी गुड्डू यादव,भाजपा नेता सन्तोष सिंह टीप्पू,अराफात बेग सहित सैकड़ों की संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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