(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
हमारे हाथों में अनदेखी गंदगी छिपी होती है, जो किसी भी वस्तु को छूने, उसका उपयोग करने एवं कई तरह के दैनिक कार्यों के करण होती है। यह गंदगी, बगैर हाथ धोए खाद्य एवं पेय पदार्थों के सेवन से आपके शरीर में जाती हैं, और बीमारियों को जन्म देती हैं। चाइल्ड केयर क्लीनिक सिधारी पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डी.डी. सिंह ने अनौपचारिक बातचीत में बताया कि हाथों की धुलाई के प्रति जागरूकता पैदा करने के मकसद से पूरे विश्व में 15 अक्टूबर को विश्व हाथ धुलाई दिवस मनाया जाता है। बचपन में स्कूल में सिखाया जाता था, कि खाना खाने के पहले हाथ धोना चाहिए। इसके अलावा साफ-सफाई से जुड़ी बहुत सी बातें बताई जाती थी। धीरे-धीरे यह बातें हमारी अच्छी आदतों में शामिल हो गई, लेकिन दुनियाभर में कई लोग आज भी इनके प्रति जागरूक नहीं हैं। विश्व हाथ धुलाई दिवस का उद्देश्य इसी जागरूकता को समाज तक पहुंचाना है।
इस दिन खास तौर पर हाथ धोने से होने वाले लाभ एवं न धोने से होने वाले नुकसान के बताने के लिए विभिन्न आयोजन किए जाते हैं, ताकि वे इसे अपनी आदत बनाएं। दरअसल यह स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का ही एक हिस्सा है। क्योंकि हाथ की धुलाई से बीमारियों से बचा जा सकता है, और यह बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक अच्छी पहल है। हर व्यक्ति को स्वास्थ्य के प्रति इन छोटी-छोटी बातों के प्रति सजग होना चाहिए, ताकि हम एक स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकें।
डॉ. डी.डी. सिंह ने बताया कि हाथों को धोना निम्न स्थितियों में अनिवार्य हैं:
खाना-खाने से पहले और बाद में।
नवजात शिशु को छूने से पहले।
शौच के बाद। छींकने,
खांसने या नाक साफ़ करने के बाद।
जानवर या जानवरों के कचरे को छूने के बाद।
घावों के उपचार से पहले और बाद में।
बीमार या घायल व्यक्ति को छूने से पहले और बाद में।
सर्दी को दूसरों तक फैलाने से रोकने के लिए हैंडवाश का नियमित अभ्यास करना चाहिए।
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