Thursday, February 24, 2022

यूक्रेन में आजमगढ़ के एक दर्जन छात्र फंसे।

यूक्रेन में आजमगढ़ के एक दर्जन छात्र फंसे।

आजमगढ़ के दो सगे भाइयों सहित रेनू यादव की फ्लाइट हुई निरस्त।

फ्लाइट निरस्त होने से परिवार हुआ चिंतित।

एमबीबीएस के अंतिम वर्ष की छात्रा रेनू यादव की 26 फरवरी को थी फ्लाइट।

(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
हर खबर पर नजर सच है तो दिखेगी।

आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के खतीबपुर निवासी रेनू यादव एमबीबीएस अंतिम वर्ष की छात्रा है। जिनकी इंडिया एयरलाइंस 26 फरवरी को फ्लाइट थी निरस्त होने से उनके परिजन चिंतित है।
वही रेनू यादव ने बताया कि ₹30000 में 26 फरवरी की फ्लाइट बुक कर रखी थी किंतु युद्ध शुरू होने से फ्लाइट निरस्त कर दी गई जिसको लेकर मन में भय बना हुआ है। वही उनके भाई डॉक्टर सत्य शील यादव जो एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर 1 साल से उत्तराखंड में पोस्ट हैं ने बताया कि 1 दर्जन से अधिक मेडिकल छात्र-छात्राएं यूक्रेन में फंसे हुए हैं। रेनू यादव पुत्री नरेंद्र यादव जो मेहनगर में अपने डिस्पेंसरी चलाते हैं वहीं उनकी माता मीरा यादव घर पर गृहणी का कार्य करती हैं उनके बड़े भाई डॉक्टर सत्य शील यादव उत्तराखंड में पोस्ट हैं छोटी बहन समीक्षा यादव एमबीबीएस की पढ़ाई की तैयारी कर रही हैं। रेनू यादव एमबीबीएस ओड़ीसा मेडिकल यूनिवर्सिटी यूक्रेन के उड़ीसा प्रदेश में स्थित है जहां वर्ष अक्टूबर वर्ष 2018 में उन्होंने प्रवेश लिया था एमबीबीएस की फोर्थ ईयर की छात्रा है घर से अंतिम बार 1 वर्ष पूर्व 2020 में अपने घर से यूक्रेन के लिए गई हुई थी तब से अभी तक अपने घर नहीं आई हुई थी। वहीं उनकी माता मीरा यादव अपनी पुत्री को लेकर चिंतित हैं तो उनकी बहन समीक्षा यादव अपनी बहन को लेकर परेशान हैं। रूस के यूक्रेन पर हमले के उपरांत आजमगढ़ के 1 दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं यूक्रेन में अभी भी फंसे हुए हैं वही युद्ध को लेकर आजमगढ़ उनके परिवार व गांव में लोग अपने बच्चों को लेकर चिंतित बने हुए हैं टीवी व मोबाइल से अपने बच्चों से लगातार संपर्क बनाए हैं वही उनके घर पर पहुंच कर परिजनों को लोग ढांढस दे रहे हैं।
आजमगढ़ जनपद के दो सगे भाई अविनाश यादव व अमित यादव पुत्र गिरिजेश यादव निवासी बसही जरंजयपुर एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र हैं जिन्होंने 10 मार्च की फ्लाइट बुक कर रखी थी टेलीफोन से वार्ता करने पर अविनाश यादव ने बताया कि धमाके सुनाई पड़ रहे हैं किंतु अभी भी हम सुरक्षित स्थान पर हैं।
वही विनीत विश्वकर्मा पुत्र अनिल विश्वकर्मा ओड़ीसा मेडिकल यूनिवर्सिटी यूक्रेन के ओड़ीसा प्रांत में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र हैं जिनके पिता अनिल विश्वकर्मा एलवल कॉलोनी में हिंद पैथोलॉजी का संचालन करते हैं विनीत विश्वकर्मा आप दो भाइयों में छोटे हैं वहीं उनकी माता सविता विश्वकर्मा गृहणी के रूप में कार्य करती हैं। 1 मार्च को विनीत विश्वकर्मा ने अपने घर आने के लिए फ्लाइट बुक कर रखी थी। उसके पूर्व ही युद्ध शुरू हो जाने से घर परिवार के लोग चिंतित हैं।

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