प्रदेश सरकार हिटलर और मुसोलोनी की तरह कर रही व्यवहार--रामगोविंद चौधरी
पलिया गांव की घटना अत्यंत निंदनीय।
पीड़ितों पर दर्ज मुकदमे तत्काल वापस ले सरकार।
पुलिस कर्मियों के ऊपर लूटपाट,मारपीट,महिलाओं से अभद्रता छेड़खानी के गम्भीर धाराओं में दर्ज हो मुकदमा।
दलितों की लड़ाई सदन से सड़क तक लड़ेगी समाजवादी।
(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
हर खबर पर नजर सच है तो दिखेगी।
आजमगढ़।
सगड़ी रौंनापार थाना क्षेत्र के पलिया गांव में 29 जून को घटित घटना की जानकारी लेने के लिए पलिया गांव नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी शुक्रवार को लगभग 1:30 बजे गांव में पहुंचे और 2:30 बजे तक रहे लगभग 1घंटे के प्रवास में उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर पूरी हकीकत जानी और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। वहीं उन्होंने कहा कि योगी सरकार हिटलर और मुसोलोनी की तरह व्यवहार कर रही है जो कहावत है कि विनाश काले विपरीत बुद्धि तो अब इस सरकार का विनाश होना है जो सरकार पीड़ितों को न्याय ना दे सके ऐसी सरकार को जाना ही होगा। उन्होंने वाराणसी प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा महिलाओं का सम्मान जो योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पर जो महिलाओं द्वारा तारीफ की गई उस पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में महिलाओं के साथ दलितों सोसितो के पिछड़ों के साथ अन्याय किया जा रहा है और जब प्रधानमंत्री योगी सरकार की इतनी सत्य बातें बता रहे हैं। तो योगी तो उसे 4 गुना बताएंगे। जबकि हकीकत में महिलाओं का जो अपमान किया जा रहा है वह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आएगी तो इस पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी यदि हमारी सरकार होती तो आज इन चारों परिवारों को करोड़ों रुपयें की आर्थिक सहायता पहुंचा दी गई होती। वैसे भी हमारे जो क्षेत्रीय विधायक हैं इस परिवार की भरपूर मदद करेंगे में यहां अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष एव जनपद के सांसद अखिलेश यादव के कहने पर यहां आया हूं और आज ही यहां की पूरी कहानी अखिलेश यादव से बताऊंगा। उन्होंने मांग की कि जो भी पुलिसकर्मी इस घटना में दोषी हैं एव जे सी बी आदि पर कठोर कार्रवाई करें और उन पर हत्या लूटपाट डकैती महिलाओं के साथ छेड़छाड़ एस सी /एस टी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जायें एवं परिवार पर जो भी मुकदमे दर्ज हैं उसे वापस लेते हुए इस परिवार की तत्काल आर्थिक सहायता और जो क्षति हुई है। उसका मुआवजा दिया जायें। यहां जो पुलिस द्वारा घटना हुई मैंने अपने 45-- 46 साल के इतिहास में इतना वीभत्स रूप पुलिस द्वारा नहीं देखा। जो पलिया गांव में पुलिस ने किया है। उन पर गंभीर धाराओं में मुकदमा तत्काल सरकार को दर्ज करना चाहिए और उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। रौनापार थाना क्षेत्र के पलिया गांव में 29 जून को लड़की के विवाद को लेकर दो पक्षों में लडकी के विवाद को लेकर मारपीट हो गई थी। जिसका बीच-बचाव करने गई रौनापार पुलिस के दो सिपाहियों विवेक त्रिपाठी और मुखराम यादव को ग्रामीणों ने मारपीट कर घायल दिया था। आरोपित है कि इससे नाराज पुलिस कर्मियों में आधा दर्जन थाना गांव में पहुंच कर तीन जेसीबी लगाकर चार लोगों के मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दियें थे एवं दरवाजे पर खड़े वाहन ट्रैक्टर आदि को तोड़ दिया था यहां तक कि परिवार ने मंदिर भी तोड़े जाने का आरोप लगाया वही महिलाओं ने छेड़छाड़ का भी आरोप पुलिसकर्मियों पर लगाए थे तभी से राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ी हुई है। इस दौरान उन्होंने विद्या सुनीता अनीता एवं कई पीड़ित महिलाओं से मिले जिनके बच्चे नाबालिक होते हुए भी जेल में हैं उन्होंने सबको न्याय का भरोसा दिया। मौके पर जिला अध्यक्ष हवलदार यादव, गोपालपुर विधायक नफीस अहमद, पूर्व मंत्री एवं सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, संग्राम सिंह यादव विधायक अतरौलिया, पूर्व सांसद रमाकांत यादव, पूर्व विधायक श्याम बहादुर सिंह, जयराम सिंह पटेल,जिला प्रभारी लौहर यादव, विधानसभा अध्यक्ष सगड़ी शिव सागर यादव,अभय नारायण पटेेेल, शंकर यादव, दुर्ग विजय यादव एडवोकेट, नगर पंचायत अध्यक्ष हरिशंकर यादव, नगर पंचायत अध्यक्ष पारसनाथ सोनकर, सुभाष यादव,अनुराग यादव आदि रहे।
उसके उपरांत चांदपट्टी में 2 महीने पूर्व शाहनवाज के घर पुलिस द्वारा तोड़फोड़ किए जाने पर नेता प्रतिपक्ष ने पहुंचकर आश्वासन दिया कि हम आपके साथ हैं और सरकार बनने पर हम पूरी तरह से आप को मुआवजा देंगे एवं पुलिस पर कठोर कार्रवाई करेंगे जबकि गौ तस्करी के मामले में पुलिस के साथ मारपीट किए जाने पर पुलिस द्वारा चांदपट्टी गांव में शाह नवाज के घर पहुंचकर तोड़फोड़ की थी।
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