कारगिल शहीद बहनों के घर इफ्तेखार आजमी ने पहुंचाई खिचड़ी।
17 वर्ष से शहीद की बहनों के घर मुस्लिम भाई पहुंचाते है खिचड़ी।
शहीद की बहन की ली सुधि हिंदू रीति से निभाते हैं रिवाज।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
हर खबर पर नजर सच है तो दिखेगा।
आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के कारगिल शहीद रमेश यादव की बहनों की सुधि ली इफ्तेखार आजमी ने 17 वर्षों से शहीद की बहनों को बहन मानकर हिंदू रीति रिवाज से खिचड़ी पहुचाते है।अजमतगढ़ निवासी इफ्तेखार आजमी नवोदय विद्यालय गाजीपुर में चपरासी के पद पर कार्यरत हैं जो अपनी पत्नी चंदा आजमी के सहयोग से नथ्थुपुर निवासी अपने माता-पिता की इकलौती संतान रमेश यादव वर्ष 1999 में देश के लिए शहीद हो गए। जिनके बाद उनकी दो बहनों शशिकला व चन्द्रकला की वर्ष 2008 में सुधि ली और तब से अबतक प्रतिवर्ष उनको अपनी बहन मानकर रक्षाबंधन पर्व व खिचड़ी पर्व पर हिंदू रीति के अनुसार उनके घर पर पहुंचकर भाई की कमी को पुरा करते हैं। इस वर्ष नथ्थूपुर गांव में रविवार के दिन 12:00 बजे पहुंचकर शहीद की बहन शशि कला व चंद्रकला और उनके पुत्री निर्मला,स्नेहा व पुत्र मोनू को खिचड़ी लेकर पहुंचे जिनमें दोनों बहनों व बच्चों के लिए कपड़ा लाई,गट्टा आदि हिंदू धर्म के अनुरूप रिवाज निभाते हैं। वही अपने भाई की कमी को पूरा कर रहे इफ्तेखार आजमी व चंदा आजमी को अपने घर पर खिचड़ी पर्व पर पाकर बहनों के खुशी के आंसू निकल जाते हैं। वहीं बच्चे भी खुशियां मनाते हैं।
No comments:
Post a Comment