गांगेपुर -मठिया रिंग बांध घाघरा ने काटा।
नव निर्मित गांगेपुर ठोकर को बहा रही घाघरा।
(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर दिशा में बहने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है। किंतु ही घाघरा नदी अपने किनारे गागेंपुर के समीप निर्मित जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत 2300 मीटर 60 लाख रुपए की लागत से वर्ष 2016 में निर्माण हुआ था जिस रिंग बात पर मिट्टी डालकर मरम्मत की गई थी घाघरा नदी की मुख्यधारा में लगभग 50 मीटर काट दिया जिस जिससे किसानों की कृषि योग्य लगभग 400 एकड़ भूमि घाघरा नदी के पानी से डूब रही है वही घाघरा नदी गाने पुर आबादी व मुख्य बंदे के करीब बढ़ रही है रिंग बांध को बचाने के लिए स्थानीय स्तर पर कोई भी प्रयास नहीं किया जा रहा है।
वही गागेंपुर में शासन के प्रस्तावित बजट ₹180000000 की लागत से तीन ठोकर का निर्माण घाघरा नदी के मुख्य धारा को मोड़ने के लिए किया जा रहा था जो घाघरा नदी तीनों ठोकर को लगभग 20 मीटर अपने मुख्य धारा में विलीन कर चुकी हैं आज शाम 4:30 बजे उपजिलाधिकारी सगड़ी गौरव कुमार वह बाढ़ खंड एसी बी पी सिंह के साथ अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार ने घाघरा नदी की से हो रही ठोकर कटान को देखा वही मंडल बाढ खंड अधिकारी एसी बी पी सिंह ने अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार को रैन कट पर मिट्टी डालने व बंधे के किनारे बिजली व्यवस्था करने के साथ जियो बैग की व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया उपजिलाधिकारी सगड़ी गौरव कुमार ने उन्हें किसी भी हालत से निपटने के लिए सावधान किया।
घाघरा नदी के किनारे आबादी व कृषि योग्य भूमि की कर रहे कटान।
घाघरा नदी के जलस्तर में कमी के साथ नदी ने अपने तटवर्ती गांव की आबादी व कृषि योग्य भूमि अपनी मुख्यधारा में तेजी के साथ विलीन कर रही है घाघरा नदी बगावत झगरहवा ,वासु का पूरा ,सेमरी ,गांगेपुर परसिया रिंग बांध व गांगेपुर कृषि योग्य भूमि अपने मुख्यधारा में तेजी के साथ विलीन कर रही है अब तक लगभग 100 बिगहा जमीन अपनी मुख्यधारा में विलीन कर चुकी है। जिससे किसानों के माथे पर बल पड़ गया है वही बगहा बगहा में ग्रामीण अपनी गृहस्थी के सामान को अन्य स्थान पर ले जाने में लगे हुए हैं तो अपने घरों को अपने हाथ से उजाड़ रहे हैं चमड़ी ग्राम सभा में भी घाघरा नदी आबादी के करीब तेजी के साथ कटान कर रही है।
वही चक्की, बांका, बांका बुढन पट्टी ,आराजी अजगरा मशर्की सहित अन्य गांव के रास्ते जलमग्न हैं घाघरा नदी की पानी से वह कर गुजर रहे हैं जिससे उन्हें समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
पशुओं का हो रहा टीकाकरण घाघरा नदी की पानी की समस्या से पशुओं में होने वाले रोगों के लिए हरैया पशु डॉक्टर अरुण गुप्ता बांका बांका हवा सहित अन्य गांव में तेजी के साथ पशुओं का टीकाकरण कर रहे हैं लगभग 1000 पशुओं का अब तक टीकाकरण कर दिया है।
क्लोरीन व सांप काटने का इंजेक्शन स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं है। घाघरा नदी की पानी की समस्या से निपटने के लिए लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा क्लोरीन की टेबलेट पार्टी नहीं है वही घाघरा नदी के पानी से विषैले जीव जंतु व सांप देवरा वासियों को को डांस लेते हैं जिन से बचाव के लिए सांप काटने की सुई भी स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं है आज उपजिलाधिकारी सगड़ी गौरव कुमार ने हाजीपुर स्वास्थ्य केंद्र पर निरीक्षण किया और क्लोरीन व सांप काटने की सुई को त्वरित रूप से बाढ़ चौकी पर नियमित रखने के लिए निर्देश दिया और कहा कि क्लोरीन की टेबलेट गांव में स्वच्छ जल के लिए बांटी जाए।
घाघरा नदी जल स्तर -
डिघिया नाले पर वृहस्पतिवार शाम 4 बजे - 70.44 मीटर।
शुक़वार शाम 4 बजे - 70.30 मीटर।
डिघिया न्यूनतम जलस्तर -68.90 मीटर
खतरा बिंदु 70.40 मीटर।
अधिकतम- 72.10 मीटर।
बदरहुआ गेज पर जलस्तर -
वृहस्पतिवार शाम 4 बजे - 71.07 मीटर।
शुक़वार शाम 4 बजे - 70.92 मीटर।
बदरहुआ न्यूनतम जलस्तर - 70.26 मीटर।
अधिकतम- 72.98 मीटर।।
खतरा बिंदु -71.68 मीटर।
24 घंटे में डिघिया नाले पर 14 सेमी और बदरहुआ गेज पर 15 सेमी की कमी दर्ज की गई।