Tuesday, February 2, 2021

मतदाता सूची से बीएलओ पर 177 नाम काटने का आरोप लगा किया प्रदर्शन।

मतदाता सूची से बीएलओ पर 177 नाम काटने का आरोप लगा किया प्रदर्शन।

जिन परिवारों के नाम मतदाता सूची में नही है स्वयम दे प्रार्थना पत्र--एडीएम वित्त

आयें दिन मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद भी नही जाग रहा प्रशासन।

(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के ब्लाक हरैया अंतर्गत सेठाकोली के एवं सहनुपुर गांव के दर्जनों की संख्या में सुबह लगभग 11:00 बजे ट्रैक्टर ट्राली बाईक आदि से पहुंचकर ग्रामीणों ने गांव के संबंधित बीएलओ पर मतदाता सूची में सेठाकोली के ग्रामीणों ने 177 लोगों के नाम एवं सहनूपुर के लगभग 70 से अधिक लोगों के नाम काटे जाने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन करते हुए उपजिलाधिकारी सगड़ी को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान तहसील समाधान दिवस पर पहुंचे एडीएम वित्त राजस्व गुरु प्रसाद गुप्ता ने कहा कि संबंधित गांव के ग्राम पंचायत में जिन परिवारों के नाम कटे हैं। उन परिवारों के लोग स्वयं अपने अपने परिवार का सूची बनाकर उपजिलाधिकारी सगड़ी को सौंप दे। जिसकी जांच कराकर उनके नाम दर्ज किए जाएंगे। यदि गांव के किसी व्यक्ति द्वारा प्रधान को लेकर तहसील पर धरना प्रदर्शन करने को भीड़ भाड़ इकट्ठा करने की नियत से यदि वह तहसील पर पहुंचकर ऐसे कृत्य करता है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान सेठाकोली के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बीएलओ द्वारा ग्राम प्रधान की मिलीभगत से गांव में ऐसे लोगों के नाम जो गांव में ही निवास करते हैं और हमेशा वोट डालते आ रहे हैं नाम काट दिया गया है। ऊपर से अन्य जो गांव के अगल-बगल दूसरे ग्राम पंचायत के निवासी हैं ऐसे लोगों के नाम उक्त ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट में जोड़ दिया गया है। जिससे हम लोग अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपकर कहा कि यदि हमारे नाम वोटर लिस्ट में नहीं जोड़े गए तो हम सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। वही सहनूपुर के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बीएलओ द्वारा हम लोगों के परिवार के अधिकतर लोगों का नाम काट दिया गया है जो कि वोट से वंचित करने के उद्देश्य से किया गया है जो किसी भी सूरत में हम बर्दाश्त नहीं करेंगे और धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। तहसील पर मतदाता सूची पुनरीक्षण के कार्यक्रम में जब से फाइनल लिस्ट जमा होने लगी तभी से विवाद बढ़ने शुरू हो गए और सूची के प्रकाशन के बाद भी नामों को सही नहीं किया गया। ऊपर से सरकार का 70 प्रतिशत ही मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में रहने की मजबूरी को बीएलओ अपना रोना रो रहे हैं। जबकि बी एल ओ भारी गलती की है जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है और ऐसे कर्मचारियों पर किसी प्रकार की कार्रवाई शासन द्वारा नहीं की जा रही है। इस दौरान ग्रामीणों में राजेंद्र सिंह पटेल, धनवंत सिंह, अंबिका सिंह पटेल, रोहित, बृजेश यादव, अशोक, सोमनाथ, पप्पू , नीतीश विश्वकर्मा, नियाज अहमद, रईस, नरेश, सुराली, हरेंद्र, जयप्रकाश, गयासुद्दीन, कमरू निशा, रमेश मौर्य आदि लोग मौजूद थे।

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