Sunday, June 21, 2026

पिता की हसरत ने आजमगढ़ के ओसामा को बना दिया राष्ट्रीय स्तर का मुक्केबाज।

पिता की हसरत ने आजमगढ़ के ओसामा को बना दिया राष्ट्रीय स्तर का मुक्केबाज। 

(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील के घरसड़ा गांव के मोहम्मद ओसामा ने अपने पिता की हसरत पूरी करने के लिए मुंबई में मुक्केबाजी की दुनिया में पैर रखा तो वह कम दर कदम सफलता की सीढ़ियां चढ़ते चला गया। किक बॉक्सिंग में हुनर दिखाने का ऐसा जज्बा चढ़ा कि वह अब तक कई राष्ट्रीय स्तर का अवार्ड प्राप्त कर चुका है। सन 2014 से अब तक के मुक्केबाजी के सफर में राष्ट्रीय स्तर के साथ ही अफगानिस्तान बांग्लादेश और कोरिया के मुक्केबाजो से उसका सामना हो चुका है। 2021 के नेशनल मार्शल आर्ट ऑफ बेंगलुरु की चैंपियनशिप जीतने के बाद ओसामा का जर्मनी के लिए चयन हुआ।सगड़ी तहसील के घरसड़ा गांव के सामान्य परिवार से संबंध रखने वाले खान मोहम्मद ओसामा के पिता बदरे आलम किसान और मां कुरेशा खातून ग्रहणी है। 2014 में उनके पिता बॉक्सिंग की मूवी देख रहे थे।फिल्म देखने के दौरान उनके मन में आया कि काश मेरा बेटा भी  मुक्केबाज बन कर देश प्रदेश का नाम रोशन करता। बगल में बैठे मूवी देख रहे हो ओसामा से उनके पिता ने अपनी हसरत जाहिर की। फिर क्या ओसामा ने पिता की इच्छा पूरी करने की ठान ली और 2014 में मुंबई ताइक्वांडो के मार्शल आर्ट कोच जावेद खान के संरक्षण में ज्वाइन कर लिया। 2014 में ही ठाड़े में हुई थी नॉनस्टॉप की बॉक्सिंग में चैंपियन होने के बाद ओसामा का हौसला बढ़ता गया और फिर कभी मुड़कर नहीं देखे। 2015 की इंटरनेशनल मिक्स मार्शल आर्ट दिल्ली में खेलने का अवसर मिला तो वह चैंपियन बन बैठे। 2015 में ही इंडिया अफगानिस्तान और बांग्लादेश के बीच मुक्केबाजी में भाग लेने का मौका मिला लेकिन अफगानिस्तान के फाइटर के ना आने के कारण हरियाणा में फाइट हुई, जिसमें उन्हें बेल्ट आप चैंपियनशिप प्राप्त हुई। सांताक्रुज,महालक्ष्मी,मझगांवा और मुंबई में हुई आधा दर्जन मार्शल आर्ट की किक बॉक्सिंग में उन्हें अवार्ड मिला। 2018 में मुंबई बनाम कोलकाता के बीच कोलकाता में हुई नेशनल मार्शल आर्ट में चैंपियन तो 2017 दिसंबर में मलाड में उपविजेता और 2018 मलाड मस्ती 3 स्टाइल नॉनस्टॉप किक में ट्रॉफी जीते। 2019 में इंडिया वर्सेस अफगानिस्तान का मुकाबला नोएडा में हुआ। जिसमें उनके बेहतरीन प्रदर्शन के चलते जर्मनी जाने का मौका मिला लेकिन लॉकडाउन के चलते मुक्केबाजी प्रतियोगिता स्थगित हो गई। इंटरनेशनल ताइक्वांडो फेडरेशन प्रोग्रेसिव ने उन्हें आईपीडीएस में मास्टर ब्लैक बेल्ट से नवाजा है।उनकी इस उपलब्धि से जहां पिता की हसरत पूरी हुई वहीं सगड़ी के लोग भी काफी गौरवान्वित हैं।

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