सगड़ी तहसील में मतदाता सूची नाम परिवर्धन और विलोपन में बड़ा फर्जीवाड़ा।
एक कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर,दूसरे से पूछताछ जारी।
फर्जीवाड़े में कई अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील में मतदाता सूची नाम परिवर्तन और विलोपन में अधिकारियों के नाक के नीचे बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। निर्वाचन कार्यालय में काम कर रहे एक कर्मचारी के खिलाफ जीयनपुर कोतवाली में प्राथमिक दर्ज करने के लिए नायब तहसीलदार आदर्श कुमार सिंह ने तहरीर दी है। वहीं पकड़े गए दूसरे कर्मचारियों से पूछताछ जारी है। इस मामले में कई अन्य लोगों के भी संलिप्त होने की बात सामने आ रही है। ग्राम पंचायत चुनाव के मतदाता पुनरीक्षण सूची में नाम अपमार्जन,परिवर्धन और विलोपन के लिए सरकार द्वारा फॉर्मेट की व्यवस्था की गई है। जिस पर बीएलओ, सुपरवाइजर,ईआरओ और आरओ को दस्तखत होती है। प्रमाणित होने के बाद यह सूची जिला निर्वाचन कार्यालय पर प्रिंट होने के लिए भेजी जाती है।मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरा फेरी करने का आरोप लगाते हुए अंजान शहीद के पूर्व प्रधान सुब्भान खान ने जिलाधिकारी से शिकायत किया था कि मेरे गांव में नाम जोड़ने और काटने के नाम पर बड़े पैमाने पर धांधली की जा रही है। इस संदर्भ में सुब्भान खान ने उपजिलाधिकारी सगड़ी श्याम प्रताप सिंह से भी शिकायत किया। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम ने जांच कराया।जांच में फर्जीवाड़ा परत दर परत खुलता चला गया। अंजान शहीद गांव के मतदान केंद्र संख्या 86 वार्ड नंबर 10 से 15 तक नाम 62 लोगों के नाम जोड़ने और 42 लोगों के नाम विलोकित करने में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा पकड में आया। मतदाता पुनरीक्षण के लिए दाखिल की गई पत्रावली में सक्षम सभी अधिकारियों के हस्ताक्षर पाए गए। जबकि संबंधित सभी अधिकारियों ने इस दस्तखत को अपनी बताने से साफ इनकार कर दिया। इस फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर ही 62 लोगों का नाम जोड़ा गया जबकि 42 लोगों का नाम वैकल्पिक सूची से काट दिया गया। इस संबंध में नायब तहसीलदार आदर्श कुमार सिंह ने बताया कि मेरे और खंड विकास अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्रा द्वारा जांच की गई। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए संतोष भास्कर के खिलाफ तहरीर दी गई है। संतोष भास्कर ने इस मामलों में कई लोगों के शामिल होने की बात कही है। एक अन्य कर्मचारियों को पूछताछ के लिए पुलिस की हिरासत में रखा गया है। इस मामले में संलिप्तअन्य लोगों से भी पूछताछ की जाएगी रही है। जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उपजिलाधिकारी सगड़ी ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई अवश्य की जाएगी। अधिकारियों की नाक के नीचे चल रहे फर्जीवाड़े को लेकर आम लोगों में तरह-तरह की चर्चा है कि अभी तो यह केवल एक गांव का मामला पकड़ा गया है। कई अन्य गांव में भी इस तरह का फर्जीवाड़ा बड़े पैमाने किया गया है। जिसकी जांच कराया जाना जरूरी है।
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