बलिदानी की बहनों को इफ्तिखार आजमी ने दिया खिचड़ी का उपहार।
डेढ़ दशक से मकर संक्रांति पर निभा रहे भाई का धर्म।
पत्नी चंदा आजमी ने कहा,बहनों को प्रेम देना हमारे लिए सौभाग्य की बात है।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के नत्थूपुर के बलिदानी रमेश यादव की बहन को इफ्तिखार आजमी ने बुधवार को खिचड़ी का उपहार देकर सम्मानित किया। यह कार्य वह पिछले 17 वर्षों से करते चले आ रहे हैं।सगड़ी के नत्थूपुर गांव के कारगिल बलिदानी रमेश यादव की बहनों को पिछले 17 वर्षों से इफ्तेखार आजमी बदस्तूर खिचड़ी पहुंचाते चले आ रहे हैं। इस बार भी बुधवार को उन्होंने अपनी पत्नी चंदा आजमी के साथ नत्थूपुर पहुंचकर खिचड़ी की रस्म अदा कर मानवीय धर्म की मिसाल पेश की। रमेश यादव 1999 में कारगिल के युद्ध में बलिदान हो गए थे। अपने पिता सीताराम की इकलौती संतान रमेश के बलिदान होते ही उनकी तीनों बहने मनकला,चंद्रकला और शशिकला बिलख उठी थीं। सामाजिक सरोकार से नाता रखने वाले जवाहर नवोदय विद्यालय के कर्मचारी व अजमतगढ़ निवासी इफ्तेखार आजमी भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। बहनों के आंसू देख उन्होंने मन ही मन संकल्प लिया कि भाई बनकर आजीवन मानवता का धर्म निभाऊंगा। उन्होंने 2008 में खिचड़ी के दिन पहुंचकर बहनों को ढांढस बंधाया और कहा कि मैं भाई की कमी आपको खलने नहीं दूंगा। तभी से इफ्तेखार आजमी प्रतिवर्ष बहनों को खिचड़ी पहुंचाते हैं।इफ्तेखार की पत्नी चंदा आजमी ने कहा यह हमारे जीवन का सौभाग्य है। कि बलिदानी की बहनों से भाई का रिश्ता जोड़ने का अवसर मिल रहा है।
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