Tuesday, July 1, 2025

विवाह का पंजीकरण बनेगा विधिक साक्ष्य, पुरोहित बनेंगे गवाह::प्रदीप कुमार सिंह

सगड़ी तहसील में छह माह में चौहत्तर जोड़ों ने कराया विवाह पंजीयन।

विवाह का पंजीकरण बनेगा विधिक साक्ष्य, पुरोहित बनेंगे गवाह। 

(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी वैवाहिक संबंधों को मजबूत और पुख्ता बनाने के लिए शासन के आदेशानुसार कराये जा रहे विवाह पंजीकरण के तहत सगड़ी तहसील में 6 माह के अंदर 74 जोड़ों ने शादी का पंजीकरण कराया है। पंजीकरण के लिए शादी कराने वाले पुरोहित का शपथ पत्र अनिवार्य  है। गवाह बनने के डर से पुरोहित अपना शपथ पत्र लगाने से बच रहे हैं। जिससे विवाह पंजीयन में गति नहीं आ रही है। शासन द्वारा उत्तर प्रदेश विवाह पंजीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए उपनिबंधन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। वैवाहिक संबंधों में बढ़ते विच्छेद को कम करने की मंशा से वैवाहिक पंजीकरण के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। खास रूप से ऐसे सभी विवाह जो वर एवं वधू के परिवार वालों की सहमति के बिना संपन्न हो रहे हैं, उनका पंजीकरण अनिवार्य किया जा रहा है। ऐसे पंजीकरण के लिए विवाह संस्कार का वीडियो रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव में पंजीकरण अधिकारी के यहां जमा किया जा रहा है। विवाह  कराने वाले पुरोहित को उपनिबंधन कार्यालय में उपस्थित होकर शपथ पत्र देना आवश्यक किया गया है। भौतिक रूप से उनकी उपस्थिति अनिवार्य है। विवाह पंजीकरण को लेकर युवाओं में उत्साह तो जरूर है। लेकिन पुरोहितों द्वारा आनाकानी करने से पंजीकरण का काम गति नहीं पकड़ पा रहा है।शादी करने वाले लोगों को विवाह का पंजीकरण अवश्य कर लेना चाहिए क्योंकि आने वाले दिनों में विवाह पंजीकरण अनेक विधिक साक्ष्य के रूप में काम आएगा। खास रूप से जिन लोगों ने परिवार की सहमति के विपरीत शादी की है उन्हें शासनादेश की गाइडलाइन का पालन करते हुए पंजीयन अवश्य करना चाहिए ताकि भविष्य में उनकी शादी को लेकर किसी तरह का विवाद ना उत्पन्न हो। उच्च न्यायालय ने भी शनिदेव बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के मामले में विवाह पंजीकरण के नियमों में काफी सहूलियत दी है। प्रदीप कुमार सिंह 
उपनिबंधन अधिकारी 
सगड़ी

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