बाढ़ ने उजाड़ा अब 25 घरों के रास्ते को दबंगो ने किया अवरुद्ध।
तहसील पर पहुंचकर प्रदर्शन कर सौपा ज्ञापन।
1998 की बाढ़ में उरदिहा,रोशन गंज गांव को लील गई थी घाघरा।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के आराजी देवारा करखिया (नई बस्ती पकड़ीहवा) थाना रौनापार के दर्जनों महिलाओ ने तहसील समाधान दिवस पर पहुंचकर प्रदर्शन कर उपजिलाधिकारी सगड़ी को ज्ञापन सौप कर न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि हम लोगो का गांव 1998 कि बाढ़ में उरदिहां और रोशनगंज कट गया तो हम लोगो को प्रशासन ने खाली पड़ी सरकारी नवीन परती की जमीन पर लाकर बसा दिया जिसमें पूरा गांव घर बना कर रह रहा है। जहाँ क़ी आबादी लगभग आठ सौ से ऊपर की है।जहाँ से गांव के समस्त लोगो को आने जाने का रास्ता है। जिससे हम लोग आते जाते थे पर 20 जून 2025 को गांव के ही शिवचंद व दिव्यांशु पुत्रगण शिवचंद उनकी पत्नी बेटी आदि लोग मिलकर रास्ते को अवरुद्ध करते हुए उस रास्ते पर निर्माण कार्य करने लगे जिस पर हम लोगों ने उन्हें मना किया पर वह नहीं माने।डायल 112 नंबर पर शिकायत की गयी पुलिस पहुंची पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। दर्जनों की संख्या में महिलाएं दूसरे दिन थाने पर पहुंची पर कोई अधिकारी सुनवाई करने के बजाय सभी को समझा बूझाकर वहां से हटा दिया गया।जबकि रास्ता सार्वजनिक है और नवीन परती की भूमि है। उसके बावजूद दबंग द्वारा रास्ते का निर्माण ना तो करने दिया जा रहा है ना ही किसी को आने जाने दिया जा रहा है बल्कि बीच रास्ते से अवरुद्ध कर दिए जाने की वजह से 25 घरों का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। जिसको लेकर शनिवार को दर्जनों की संख्या में महिलाएं तहसील समाधान दिवस पर पहुंचकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन कर उपजिलाधिकारी सगड़ी श्याम प्रताप सिंह से कहा कि सक्षम अधिकारी द्वारा जांच कराकर कार्रवाई करने व रास्ता को सुचारू रूप से खुलवाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंप कर गुहार लगाई। जिस पर तहसील दिवस अधिकारी द्वारा लेखपाल और राजस्व निरीक्षक सहित पुलिस को त्वरित कार्यवाही करते हुए रास्ते को खाली कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान सोनमती देवी,संतोषी,सुनीता,पुष्पा,सुमित्रा,इंन्दू, संगीता,रीना आदि महिलाओं द्वारा रास्ता खुलवाने और दबंग पर कार्रवाई करने की मांग की है।
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