खतरा निशान से मात्र 26 सेमी दूर सरयू नदी।
घाघरा नदी के जलस्तर में 24 घंटे में 26 सेमी वृद्धि,
एक दर्जन गांवों के रास्ते पानी में डूबे।
घाघरा नदी झगरहवा में कर रही कटान।
तीन दिनों से एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर।
चौदहवें दिन भी छोड़ा गया 281164 क्यूसेक पानी।
(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर में बहने वाली घाघरा नदी का जलस्तर मे वृद्धि रविवार को भी जारी रही और 24 घंटे के अंदर 26 सेमी की वृद्धि रिकार्ड की गई। प्रति घंटे एक सेमी की वृद्धि का असर यह रहा कि फिर से कई गांवों के रास्ते पानी में डूब गए और घाघरा नदी झगरहवा गांव के पास कटान तेज हो गई है। नदी के मुहाने पर आने के बाद अवधू प्रसाद के परिवार के लोग अपना शौचालय तोड़कर ईंट को सुरक्षित करने में लगे रहे। 24 घंटें के अंदर जलस्तर बढ़कर 71.42 मीटर पर पहुंच गया। चार दिनों से बढ़ रहे पानी से ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ने लगी है। बांका, बूढ़नपट्टी के पास लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। हालांकि, अभी नदी खतरा निशान से 26 सेमी नीचे बह रही थी। मुख्य मापक स्थल बदरहुआ नाले के पास खतरा निशान 71.68 है, जबकि शाम चार बजे नदी का जलस्तर 71.42 मीटर रिकार्ड किया गया। शनिवार को यहां का जलस्तर 71.16 मीटर रहा। इस बीच चौदहवें दिन रविवार की सुबह आठ बजे 281164 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ने लगी है। इस प्रकार अब तक नदी में कुल 42,87,465 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है।अभी फिलहाल राहत की बात यह है कि गांवों की आबादी में पानी नहीं पहुंचा है, लेकिन शाहडीह, बूढ़नपट्टी, बांका, अभ्भनपट्टी सहित आधा दर्जन गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी चढ़ गया है और बूढ़नपट्टी, बांका के पास नाव का संचालन शुरू कर दिया गया है, आसपास गांवों के लोगों नाव से आवागमन कर रहे हैं। झगरहवा में एक बार फिर कटान शुरू हो गई है। इससे ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें उभरने लगी हैं। दूसरी ओर प्रशासन ने बचाव व राहत कार्य के लिए 10 बाढ़ चौकियों की स्थापना के साथ 14 स्थानों को राहत शिविर के लिए चयनित किया जा चुका है। बाढ़ खंड विभाग के साथ तहसील प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है।बेलहिया से अजगरा मगरवी संपर्क मार्ग, खरैलिया से सोनौरा संपर्क मार्ग, मानिकपुर से अभन पट्टी संपर्क मार्ग, मसुरियापुर से बांका बुधन पट्टी संपर्क मार्ग लोग पानी से होकर आवागमन कर रहे हैं।
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