Wednesday, May 1, 2024

श्रमिकों का देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान उनका करें सम्मान::श्रमायुक्त आज़मगढ़

श्रमिकों का देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान उनका करें सम्मान::श्रमायुक्त आज़मगढ़ 

(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
  हर खबर पर नजर सच है तो दिखेगा।

आजमगढ़।
सगड़ी वेदान्ता इंटरनेशनल स्कूल में श्रम दिवस कार्यक्रम में सर्वप्रथम श्रमायुक्त आज़मगढ़ राजेश पाल,शिव गोविंद सिंह प्रबंध निदेशक वेदान्ता इंटरनेशनल स्कूल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर व ज्ञान की देवी माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत किया तत्पश्चात बच्चों ने स्वागत गीत के माध्यम से मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया। बच्चों ने विभिन्न प्रकार के गाने व नाटक के माध्यम से श्रमिकों के महत्व, योगदान व उनकी जरूरतों का आभास कराया। मुख्य अतिथि ने श्रम और भाग्य को परिभाषित करते हुवे जीवन में श्रम को परिभाषित करते हुवे बताया कि श्रम से असम्भव भी सम्भव हो जाता हैं। बैठ भाग्य की बाट जोहना,यह तो कोरा भ्रम है।
अपना भाग्य विधाता सम्बल,हर दम अपना श्रम है। मानवता का मान इसी में,जीवन सरस निहित है।निरालम्ब वह मनुज,कि जो, नीरस है श्रम विरहित हैं।प्रधानचार्य डॉली शर्मा ने कहा कि
मनुष्य मात्र का उद्देश्य सुख की प्राप्ति है। मनुष्य से लेकर चींटी और हाथी तक प्रत्येक जीव सुख चाहता है एवं दु:ख से छुटकारा पाने का इच्छुक है। सुख का मूल कारण ज्ञान है और ज्ञान की प्राप्ति बिना श्रम के नहीं हो सकती। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि सुख का साधन श्रम है। बिना श्रम के मनुष्य कभी भी सुखी नहीं हो सकता। प्रबंध निदेशक शिव गोविंद सिंह ने कहा कि वास्तव में श्रम का ही दूसरा नाम भाग्य है। श्रम के बिना भाग्य की कोई सत्ता ही नहीं है। मैं अपने भाग्य का स्वयं निर्माता हूँ। मेरा श्रम ही मेरे भाग्य का निर्माण करता है। अपने भाग्य को अच्छा-बुरा बनाना मनुष्य के अपने ही हाथ में है। वास्तव में भाग्य के भरोसे पर हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहना कायरता है। श्रम के बिना आप से आप कोई काम हो ही नहीं सकता। यदि रोगी भाग्य के भरोसे बैठा रहे, रोग के नाश के लिए भाग-दौड़ न करे तो दुष्परिणाम निश्चित है। बिना श्रम के हम जीवन में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकते, यहाँ तक कि भोजन भी बिना श्रम के पेट में नहीं पहुँचता।कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि महोदय के कर कमलों से सभी चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को श्रम दिवस के अवसर पर उपहार देकर सम्मानित किया गया। जिसके लिये श्रमायुक्त महोदय ने विद्यालय प्रबंधन को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के अंत मे मुख्य अतिथि राजेश पाल श्रमायुक्त व अनिल कुमार सिंह स्टेनो को अंगवस्त्रम व प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

No comments:

Post a Comment