Thursday, April 13, 2023

पांचवें चरण का मूल सरयू बचाओ अभियान का हुआ शुभारंभ।

पांचवें चरण का मूल सरयू बचाओ अभियान का हुआ शुभारंभ।

माता सरयू के पूजन और संकल्प के साथ अभियान हुआ शुरु।

नदी को अविरल और निर्मल बनाये रखने का लिया गया संकल्प।

नदी किनारे स्थानीय और रामायण कालीन होगा पौधरोपण।

(मनोज चतुर्वेदी समाचार आजमगढ़ लाइव)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के महराजगंज ब्लॉक के भिलमपुर ग्राम सभा में मूल सरयू नदी की पूजा अर्चना कर पांचवें चरण के अभियान हुआ शुभारंभ। पांचवें चरण में मूल सरयू बचाओ अभियान के अभियानी एवं महराजगंज विकास खंड के अधिकारी कर्मचारी तथा नदी किनारे के ग्राम प्रधान और सचिव हिस्सा लिए सुबह 09 बजे मूल सरयू की पूजा और आरती कर के अभियान को प्रारम्भ किया गया। इस दौरान नदी से सेवार, जलकुम्भी तथा प्लास्टिक आदि प्रदूषण फैलाने वाले पदार्थ निकाले गए। मूल सरयू बचाओ अभियान के संयोजक ने नदी के गर्भ से गाद निकालने और परास को चौड़ा करने के लिए फावड़े से मिट्टी निकालकर कार्यक्रम की शुरुआत की। जिसमें भिलमपुर के ग्राम प्रधान सहित गांव के अन्य लोग तथा मूल सरयू बचाओ अभियानी भी शामिल थे।
अभियान के बाद सरयू पंचायत बैठी जिसमें मूल सरयू बचाओ अभियान के संयोजक पवन ने मूल सरयू से जुड़े सभी विषय रखे। नदी मार्ग की बाधाएं दूर करने,अनाधिकृत अतिक्रमण, नदी में कुंड निर्माण तथा नदी किनारे रामायण कालीन तथा स्थानीय पौधरोपण पर प्रकाश डाला गया। अभियान देवारा जदीद से भैरव बाबा होते हुए टेढ़वा तक चलेगा। नदी किनारे के सभी गांवों में पहले सरयू पंचायत बैठेगी जिसमें गांव के लोगों को जागरूक कर नदी के साथ फिर अभियान के साथ जोड़ा जाएगा। तदुपरांत राज और समाज मिलकर इस अभियान को लक्ष्य तक पहुंचाएंगे। साथ ही गांव के सभी जल स्रोतों को भी स्वच्छ और निर्मल बनाने का काम किया जाएगा। नदी इन जल स्रोतों को तथा यह जल स्रोत नदी को पानीदार बनाये रखेंगे।
मूल सरयू बचाओ अभियान के संयोजक पवन कुमार सिंह ने बताया कि मूल सरयू के दक्षिणी तट से होकर ही भगवान राम सिद्धाश्रम गए हैं। यह नदी, यह तट यह क्षेत्र जिसे राम जी ने अपने चरण धूलि से पावन किया है। हमारे लिए, समाज के लिए, राष्ट्र के लिए तीर्थ है। इस हेतु जो भी पिछले आधे दशक में किया गया है उसका परिणाम अब आ रहा है। आने वाला दो माह मूल सरयू के लिए बहुत निर्णायक होने जा रहा है। यह तय करेगा कि आजमगढ़ की छोटी और स्थानीय नदियों को कैसे पुनर्जीवित किया जाय। अगले सप्ताह हरैया फिर अजमतगढ़ में आयोजन किया जाएगा। इस दौरान ए पी ओ महराजगंज,बबलू सिंह,संजय,दुर्गेश, सुरेंद्र,मंशा, उत्कर्ष, परमानंद,मुनि सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।

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