Friday, June 3, 2022

पुलिस कर्मियों को रोड़ एक्सीडेंट में बचाव को किया डॉक्टरों ने प्रशिक्षित।

पुलिस कर्मियों को रोड़ एक्सीडेंट में बचाव को किया डॉक्टरों ने प्रशिक्षित।

गोल्डेन हावर की जानकारी महत्वपूर्ण।

सड़क दुर्घटना में बचाव के दिये गए सुझाव।

(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
सगड़ी जीयनपुर कोतवाली में शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अजमतगढ़ के डॉक्टरों के द्वारा पुलिस कर्मियों को रोड साइड एक्सीडेंट की जानकारी देते हुए प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें गोल्डन हावर रोड साइड की महत्वपूर्ण जानकारी की बारीकियों को डॉक्टरों द्वारा समस्त पुलिसकर्मियों को बताया गया। जहां उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना के दौरान मरीज को अस्पताल ले जाने में जितना अधिक से अधिक समय लगेगा उतना मरीज के बचने की संभावना कम होती जाएगी।जिसकी जानकारी देते हुए डॉ प्रदीप कुमार प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अजमतगढ़ ने कहा कि जिस समय सड़क दुर्घटना होती है उस समय मरीज की हालत काफी नाजुक स्थिति में होती है ऐसे मरीज को शुरू के 1 घंटे तक प्रथम ट्रीटमेंट देना अति महत्वपूर्ण है जिससे कि उसकी जान बचाने की संभावना को बढ़ाया जा सके। इस दौरान अगर मरीज की हालत काफी खराब है और अस्पताल ले जाने में उसको काफी समय लगेगा तो ऐसे में मरीज को बचाने की संभावना कम हो जाएगी।उन्होंने कहा कि दुर्घटना के दौरान सर्वप्रथम गोल्डन हावर के तहत उसे प्राथमिक उपचार तत्काल मुहैया कराया जाना चाहिए और मौक़े पर पहुंच कर108 नंबर एंबुलेंस को तत्काल पहुंचकर कॉल करें और उनसे यह भी कहें कि वह मौके पर तत्काल पहुंचे जिससे कि मरीज को अस्पताल तत्काल पहुंचाया जा सके। ऊपर से एक्सीडेंट के दौरान मरीज को यदि सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो उसके छाती पर पंपिंग किया जाए जिससे कि उसकी सांस खुल सके और यदि उससे भी काम ना चले तो मरीज को मुंह के द्वारा भाफ़ दिया जाए जिससे कि उसके अंदर गर्मी से भी सांस उसकी तेज चलने लगे।यही नहीं दुर्घटना के दौरान मरीज की हालत काफी नाजुक होती है ऐसे में उसका हार्टबीट बैठने की भी आशंका ज्यादा होती है जिससे कि एक्सीडेंट के दौरान घबराहट और सोचने की क्षमता चिंतित मन आदि के द्वारा हार्टबीट बैठने की संभावना बढ़ जाती है जिससे की पंपिंग के द्वारा भी ठीक किया जा सकता है। पैरामेडिकल और एंबुलेंस के लोगों को प्रशिक्षित कर कर ऐसे रोड एक्सीडेंट में बचाव के तरीके को पब्लिक के बीच में ले जाकर जानकारी देनी चाहिए जिससे कि दुर्घटना के समय ऐसे लोगों को बचाया जा सके। इस दौरान क्षेत्राधिकारी सगड़ी महेंद्र नाथ शुक्ला,डॉ प्रदीप कुमार,डॉ चंद्रशेखर, उमाशंकर मिश्रा बीपीएम एवं कोतवाल जीयनपुर यादवेंद्र पान्डेय मौजूद थे।

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