गर्मी और फूड प्वाइजनिंग से 09 बच्चे बीमार इलाज के बाद ठीक।
अस्पताल में इलाज के बाद स्वस्थ लाभ कर रही छात्राएं।
प्रिंसपल ने गर्मी की वजह बताई बोले 500 बच्चे है किसी की भी तबियत खराब हो सकती है।
(मनोज चतुर्वेदी ब्यूरो प्रभारी आजमगढ़)
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आजमगढ़।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के जवाहर नवोदय विद्यालय में शनिवार को 09 बच्चे रात में भोजन करने के बाद बीमार हो गई। जिससे उन्हें उल्टी और दस्त सिर दर्द आदि की शिकायत की पर नर्स के नही होने से दवा आदि नही दी गयी। सभी को सुबह 11 बजे सीएचसी जीयनपुर में भर्ती कराया गया जहाँ 8 बच्चो को इलाज के बाद छोड़ दिया गया एव एक छात्रा को भर्ती किया गया जिसे ग्लूकोज की डिप आदि दी गयी और इलाज के बाद सभी को छोड़ दिया गया। वही रात्रि में 09 छात्राओं की तबियत खराब हुई जबकि सभी छात्रों को अलग से खिचड़ी बनाई गई थी और बच्चियों ने खिचड़ी खाई। एव अन्य छात्रों ने मेस में सुबह में जीरा राइस,मटर पनीर एव सलाद खाया था और रात्रि में काबुली चना एव रोटी की सब्जी बनी थी।लगभग 400 बच्चो ने भोजन किया था। पर तबियत शुक्रवार को देर शाम से ही खराब चल रही थी। बीमार छात्राओ में भूमिका कक्षा12,प्रिया एव संजू कक्षा 12 की छात्राएं है।अनिका,नेहा,अदिति कक्षा 9 की छात्राएं,रंजना मोनिका कक्षा 7 की छात्राएं है। जबकि प्रियंका कक्षा 10 की छात्रा है जिसे हालत गम्भीर होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहा ग्लूकोज आदि चढ़ाकर सभी को छोड़ दिया गया।जबकि वार्डन शिखा श्रीवास्तव ने बताया कि बच्ची की कुछ तबीयत रात से बिगड़ी थी। नर्स नहीं होने के कारण दवा दी गई पर कोई आराम नहीं मिला जबकि बच्ची में फूड प्वाइजनिंग की कोई लक्षण नहीं दिखा यह सामान्य गर्मी की वजह से बीमार बच्चे हो गए थे जो दवा इलाज के बाद ठीक हो गए हैं। अब वह बेहतर स्वास्थ्य लाभ हॉस्टल में ले रहे हैं। जबकि प्रधानाचार्य शशिकांत राय ने बताया कि 500 बच्चे हमारे पास में सामान्य रूप से अक्सर आठ 10 की तबीयत खराब होती रहती है गर्मी बहुत ज्यादा थी टेंपरेचर बहुत ज्यादा होने के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ी है कोई ऐसी बात नहीं है। फूड प्वाइजनिंग नहीं बल्कि एक बच्ची ज्यादा सीरियस थी जिस को उल्टी दस्त हो रही थी। जिसको इलाज के बाद अब ठीक हो गई और 9 बच्चे में सामान्य सर दर्द पेट दर्द उल्टी आज की शिकायत थी। डॉक्टर संजय वर्मा अधीक्षक सीएससी जीयनपुर ने बताया कि 9 बच्चे हमारे यहां भर्ती होने के लिए आए थे पर एक बच्ची के तबीयत ज्यादा सीरियस थी जिसे ड्रिप देकर दवा इलाज किया गया एवं शेष को दवा आदि देकर छोड़ दिया गया है। फूड प्वाइजनिंग के लक्षण नहीं पाए गए गर्मी की वजह से कई बच्चे बीमार पड़े रहे हैं।